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"कश्मीरी मानवाधिकार कार्यकर्ताओं पर 'दमनात्मक' कार्रवाई तुरंत बंद करे भारत", बोली संयुक्त राष्ट्र विशेषज्ञ, कहा- सभी गिरफ्तार कार्यकर्ता की जल्दी हो रिहाई

By भाषा | Updated: March 25, 2023 07:40 IST

इस पुरे मुद्दे पर बोलते हुए मैरी लॉलर ने कहा है कि ‘‘भारतीय अधिकारी कश्मीरी नागरिक समाज के लंबे समय से चले आ रहे दमन को तेज करते दिख रहे हैं। भारत को अपने मानवाधिकारों के दायित्वों का सम्मान करना चाहिए और जहां वह उनका उल्लंघन करता है, उसे जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। ’’

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ठळक मुद्देकश्मीरी मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के खिलाफ जारी कार्रवाई पर संयुक्त राष्ट्र विशेषज्ञ ने बोला है। उन्होंने कहा है कि भारत इन कार्यकर्ताओं पर हो रही कार्रवाई को तुरंत रोके और उन्हें रिहा करे। बता दें उनका यह बयान तब सामने आया है जब एनआईए ने आतंकी फंडिंग मामले में कश्मीर में कुछ गिरफ्तारी की है।

संयुक्त राष्ट्र/जिनेवा: संयुक्त राष्ट्र के एक शीर्ष विशेषज्ञ ने शुक्रवार को भारत से कश्मीरी मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के खिलाफ जारी कार्रवाई तुरंत बंद करने को कहा है। यही नहीं विशेषज्ञ ने नई दिल्ली से उनके खिलाफ शुरू की गई सभी जांचों को बंद करने तथा उन्हें रिहा करने का आग्रह किया है। 

आतंकी फंडिंग मामले में एनजीओ पर गिरी है गाज

बता दें कि मानवाधिकार कार्यकर्ताओं पर संयुक्त राष्ट्र की विशेष दूत मैरी लॉलर का यह आग्रह ऐसे समय में आया है, जब राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने एक गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) से जुड़े आतंकवाद के वित्तपोषण मामले में जम्मू-कश्मीर नागरिक समूह गठबंधन (जेकेसीसीएस) के समन्वयक खुर्रम परवेज को गिरफ्तार किया है। 

क्या कहना है एएनआई का

एनआईए के मुताबिक, इस मामले में घाटी के कुछ गैर-सरकारी संगठनों, ट्रस्ट और सोसाइटी के आतंकवाद से संबंधित गतिविधियों के वित्तपोषण में शामिल होने की जांच की जा रही है। एनआईए ने कहा है कि इनमें से कुछ संगठनों ने लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे आतंकवादी संगठनों के साथ संबंध विकसित किए हैं। 

भारत को लेकर संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष विशेषज्ञ ने क्या कहा

मामले में बोलते हुए मैरी लॉलर ने कहा, ‘‘भारतीय अधिकारी कश्मीरी नागरिक समाज के लंबे समय से चले आ रहे दमन को तेज करते दिख रहे हैं। भारत को अपने मानवाधिकारों के दायित्वों का सम्मान करना चाहिए और जहां वह उनका उल्लंघन करता है, उसे जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। ’’  

टॅग्स :संयुक्त राष्ट्रजम्मू कश्मीरएनआईए
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