लाइव न्यूज़ :

ट्रंप के महाभियोग का मामला सीनेट पहुंचा, रिपब्लिकन पार्टी पर उनकी पकड़ की परीक्षा

By भाषा | Updated: January 26, 2021 11:13 IST

Open in App

वाशिंगटन, 26 जनवरी (एपी) अमेरिकी कांग्रेस के निम्न सदन प्रतिनिधि सभा के डेमोक्रेटिक सदस्यों ने सोमवार देर शाम ट्रंप के खिलाफ महाभियोग पर ऐतिहासिक सुनवाई शुरू करने का प्रस्ताव उच्च सदन सीनेट को भेज दिया।

हालांकि, अमेरिकी कैपिटल (संसद भवन) की हिंसक घेराबंदी को लेकर पूर्व राष्ट्रपति की आलोचना करने वाले रिपब्लिकन सीनेटर उन्हें मामले में दोषी ठहराने के मुद्दे पर नरम होते नजर आ रहे हैं।

इस रुख को पार्टी पर ट्रंप की पकड़ बने रहने का शुरुआती संकेत माना जा रहा है।

प्रतिनिधि सभा के नौ अभियोजकों ने कैपिटल पर ‘विद्रोह के लिए भड़काने’ के एकमात्र आरोप के आधार पर महाभियोग का प्रस्ताव लेकर सीनेट तक रस्मी मार्च उसी हॉल से होकर निकाला जिसमें दंगाइयों ने महज कुछ हफ्ते पहले तोड़फोड़ की थी।

वहीं ट्रंप की आलोचना करने वाले रिपब्लिकन सदस्य छह जनवरी के दंगे के बाद से न केवल शांत हैं बल्कि सुनवाई की वैधता के खिलाफ कानूनी तर्क दे रहे हैं और पूछ रहे हैं कि क्या बाइडन के चुनाव को खारिज करने की ट्रंप की बार-बार उठाई गई मांग उकसाने के समान है।

कुछ डेमोक्रेटिक सदस्यों का मानना है कि यह स्पष्ट मामला है, क्योंकि ट्रंप ने अपना राष्ट्रपति पद बचाने के लिए भीड़ को लड़ने के लिए उकसाया लेकिन रिपब्लिकन की सोच अलग है। उन्हें कानूनी चिंता के साथ यह भी डर है कि ट्रंप के समर्थक नाराज हो सकते हैं जो पार्टी के भी मतदाता हैं।

सीनेटर जॉन कॉर्निल ने पूछा कि अगर कांग्रेस पूर्व अधिकारियों के खिलाफ महाभियोग की सुनवाई शुरू करेगी तो उसके बाद क्या होगा, क्या ‘‘यह पूर्व राष्ट्रपति ओबामा तक जा सकता है’’?

उन्होंने कहा कि ट्रंप को पहले ही जवाबदेह ठहराया जा चुका है, ‘‘हमारी प्रणाली में चुनाव हारना एक तरह की सजा है।’’

उल्लेखनीय है कि सीनेट में महाभियोग की सुनवाई आठ फरवरी से शुरू होगी और ट्रंप पहले पूर्व राष्ट्रपति होंगे जिनके खिलाफ पद छोड़ने के बाद महाभियोग की सुनवाई होगी।

बाइडन ने सोमवार को सीएनएन चैनल से कहा, महाभियोग पर सुनवाई ‘होनी ही चाहिए।’’ उन्होंने स्वीकार किया कि इसका उनके एजेंडे पर प्रभाव पड़ सकता है।

बाइडन ने कहा कि वह नहीं मानते कि पर्याप्त रिपब्लिकन सीनेटर महाभियोग के पक्ष में मतदान करेंगे लेकिन ट्रंप का कार्यकाल अगर छह महीने बचा होता तो इसका प्रभाव अलग होता।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

भारतकर्नाटक कांग्रेस के 30 सीनियर विधायक दिल्ली पहुंचे, राहुल गांधी से मुलाकात की मांग

क्रिकेटWATCH: विराट कोहली ने आउट होने के बाद गुस्से में क्यों फेंका अपने ग्लव्स, हेलमेट?

विश्वIRGC ने ट्रंप के नौसैनिक नाकाबंदी के आदेश के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ पर पूर्ण नियंत्रण का दावा किया, विरोधियों को दी चेतावनी

क्रिकेटIPL 2026 Jasprit Bumrah: 4 मैच, 15 ओवर और 123 रन?, आईपीएल 2026 में विकेट के लिए तरसे बूम-बूम बुमराह, लगातार चौथे मैच में 0 आंकड़े

क्रिकेटवानखेड़े में छक्के-चौकों की बरसात, MI के खिलाफ RCB ने बनाए 240 रन, सॉल्ट, कोहली और रजत पाटीदार जड़े अर्धशतक

विश्व अधिक खबरें

विश्वअमेरिका-ईरान शांति वार्ता विफल, लोग परेशान और हताश?, नागरिकों ने कहा-डोनाल्ड ट्रंप दोषी, हम मुकाबला करेंगे?

विश्वइस्लामाबाद वार्ता क्यों विफल रही? ईरान के स्पीकर ग़ालिबफ़ ने एक-एक बिंदु पर विस्तार से बताया

विश्व'सबसे खूबसूरत दुल्हन और एक अरब डॉलर दो, वरना...': युगांडा के सेना प्रमुख की तुर्की से अजीबोगरीब मांग

विश्व'अगर युद्ध छिड़ता है और पाकिस्तान शांति स्थापित करने में नाकाम रहता है, तो इज़रायल पर हमला करना हमारा फ़र्ज़ है': तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगान

विश्वIslamabad Talks: ईरान के साथ वार्ता विफल, जेडी वेंस इस्लामाबाद से रवाना; पाकिस्तान ने दोनों देशों से की ये अपील