नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मध्य-पूर्व संकट, 'हॉरमुज़ जलडमरूमध्य को खुला रखने के महत्व' पर बातचीत की है। अमेरिकी दूत सर्जियो गोर ने मंगलवार को यह जानकारी साझा की है। गोर ने एक्स पर एक पोस्ट में यह जानकारी देते हुए बताया, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को बातचीत की और मध्य-पूर्व संकट तथा "हॉरमुज़ जलडमरूमध्य को खुला रखने के महत्व" पर चर्चा की।
पीएम मोदी ने इस बात की पुष्टि की कि उन्हें राष्ट्रपति ट्रंप का फ़ोन आया था और "पश्चिम एशिया की स्थिति पर दोनों के बीच विचारों का उपयोगी आदान-प्रदान हुआ।" पीएम नरेंद्र मोदी ने एक्स पर लिखा, "भारत तनाव कम करने और जल्द से जल्द शांति बहाल करने का समर्थन करता है। यह सुनिश्चित करना कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुला, सुरक्षित और सुलभ रहे, पूरी दुनिया के लिए ज़रूरी है। हम शांति और स्थिरता की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को लेकर एक-दूसरे के संपर्क में रहने पर सहमत हुए।"
हॉरमुज़ जलडमरूमध्य
हॉरमुज़ जलडमरूमध्य, जो तेल और गैस की शिपिंग का एक अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है, अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण प्रभावी रूप से बंद हो गया है। 28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल द्वारा किए गए संयुक्त सैन्य हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या, उसके बाद हुई जवाबी कार्रवाई और ईरान द्वारा होर्मुज़ जलडमरूमध्य को लगभग बंद कर दिए जाने से अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग और वैश्विक ऊर्जा बाज़ार बुरी तरह से बाधित हो गए हैं।
हॉरमुज़ जलडमरूमध्य पर PM मोदी का बयान
सर्जियो की यह टिप्पणी तब आई जब PM नरेंद्र मोदी ने मंगलवार (24 मार्च) को राज्यसभा में कहा, “लगभग 1 करोड़ भारतीय खाड़ी देशों में रहते हैं और काम करते हैं। उनके जीवन और आजीविका की सुरक्षा भारत के लिए बहुत बड़ी चिंता का विषय है।”
उन्होंने कहा कि हॉरमुज़ जलडमरूमध्य में कई जहाज़ फँसे हुए हैं और उन जहाज़ों पर बड़ी संख्या में भारतीय क्रू सदस्य भी फँसे हुए हैं।
PM मोदी ने मंगलवार, 24 मार्च को संसद में कहा, “यह भी भारत के लिए एक बड़ी चिंता का कारण है। ऐसी कठिन स्थिति में, यह ज़रूरी है कि भारत का उच्च सदन शांति और बातचीत की एक एकजुट आवाज़ उठाए।”