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ताइवान ने चीन के सुखोई-35 फाइटर जेट को मार गिराया?, वीडियो हो रहा है वायरल, जानें सच्चाई

By अनुराग आनंद | Updated: September 4, 2020 16:17 IST

सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि चीन का फाइटर विमान पिछले कुछ समय से लगातार ताइवान की सीमा में घुस रहा था। ऐसे में इस बार ताइवान ने अपनी सीमा में घुसते ही चीन के फाइटर जेट को मार गिराया है।

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ठळक मुद्देइस पूरे मामले में ताइवान की तरफ से अब तक कुछ खुल कर नहीं बोला गया है।एक खबर में दावा किया गया है कि ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने इस खबर को फेक बताया है। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने कहा कि फाइटर जेट तकनीकी खराबी के कारण दुर्घटनाग्रस्त हुआ है।

नई दिल्ली: चीन का सीमा विवाद इन दिनों भारत के अलावा भी कई देशों के साथ चल रहा है। ताइवान व चीन के बीच विवाद काफी पुराना है। इस समय ताइवान पर भी चीन दवाब बना रहा है। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो को शेयर करते हुए यूजर्स ये दावा कर रहे हैं कि यह वीडियो ताइवान द्वारा चीन के फाइटर जेट सुखोई 35 को मार गिराने का है। 

यह भी दावा किया जा रहा है कि चीन का फाइटर विमान पिछले कुछ समय से लगातार ताइवान की सीमा में घुस रहा था। ऐसे में ताइवान ने अपनी सीमा में घुसते ही चीन के इस फाइटर जेट को मार गिराया है। दावा है कि इस दौरान ताइवान ने अमेरिकी पेट्रियाट मिसाइल डिफेंस सिस्‍टम का इस्‍तेमाल किया है।

इस पूरे मामले की सच्चाई क्या है-

आपको बता दें कि इस पूरे मामले में ताइवान की तरफ से अब तक कुछ खुल कर नहीं बोला गया है। लेकिन, टाइम्स नाऊ ने अपने रिपोर्ट में लिखा है कि ताइवान सीमा में दक्षिण चीन सागर के पास घुसपैठ के बाद चीन का फाइटर जेट विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। 

इसके साथ ही रिपोर्ट में दावा किया गया है कि द डेली टेलीग्राफ के एशिया संवाददाता निकोला स्मिथ ने रिपोर्ट को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट रूप से जवाब दिया है कि यह फर्जी खबर है।

हालांकि, इस मामले में भी सोशल मीडिया यूजर्स के अलग-अलग राय हैं। कई यूजर्स ने इस रिपोर्ट को झूठा करार दिया है, जबकि कुछ ने कहा कि फाइटर जेट तकनीकी खराबी के कारण दुर्घटनाग्रस्त हुआ है।

रूस से 2019 में चीन ने Su-35 की डिलीवरी की है- 

बता दें कि रूस ने नवंबर 2015 में चीन के साथ एक अनुबंध पर डील किया, जिसके तहत चीन को सुखोई-35 लड़ाकू जेट की डिलीवरी 2019 में पूरी की। दोनों देशों के बीच यह डील करीब 2 बिलयन डॉलर का था। चीन इस एयरक्राफ्ट को रूस से खरीदने वाला पहला देश है। Su-35 सुपरसोनिक फाइटर जेट ने 19 फरवरी, 2008 को अपनी पहली उड़ान भरी थी। यह फाइटर विमान सुखोई-27 विमान का एडवांस रूप है। 

टॅग्स :चीनसोशल मीडिया
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