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Russia Ukraine War: बस अब बहुत हो गया,  सैनिकों को अब बैरकों में लौटने की जरूरत, गुतारेस ने यूक्रेन संकट पर कहा

By सतीश कुमार सिंह | Updated: February 28, 2022 21:24 IST

Russia Ukraine War: संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख मिशेल बाचलेत का कहना है कि उनके कार्यालय ने पुष्टि की है कि बृहस्पतिवार से यूक्रेन में हिंसा में सात बच्चों सहित 102 नागरिक मारे गए हैं और 304 अन्य जख्मी हुए हैं।

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ठळक मुद्देअधिकतर नागरिकों की मौत विस्फोटों के कारण हुई है। हताहतों की असल संख्या काफी ज्यादा हो सकती है।रूस की सरकार झूठ, भ्रम और शक फैला रही है।

Russia Ukraine War: संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने संयुक्त राष्ट्र महासभा की आपात बैठक में कहा कि यूक्रेन में युद्ध हर हाल में बंद होना चाहिए। बस अब बहुत हो गया। सैनिकों को अब अपने बैरकों में लौटने की जरूरत है।

एंतोनियो गुतारेस ने कहा कि मानवीय सहायता महत्वपूर्ण है, यह कोई समाधान नहीं है, एकमात्र समाधान शांति के माध्यम से है। मैंने यूक्रेन के राष्ट्रपति को आश्वासन दिया है कि संयुक्त राष्ट्र सहायता करना जारी रखेगा, उन्हें नहीं छोड़ेगा, उन्हें मानवीय सहायता प्रदान करेगा। गुतारेस ने परिषद से कहा कि रूस की ओर से यूक्रेन में सैन्य अभियान बढ़ाने से मानवाधिकारों का उल्लंघन बढ़ा है।

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी ने सोमवार को कहा कि पिछले सप्ताह रूस द्वारा आक्रमण किए जाने के बाद पांच लाख से ज्यादा लोगों ने यूक्रेन छोड़ दिया है। पोलैंड, हंगरी, स्लोवाकिया, रोमानिया और मोल्दोवा की सीमाओं की जांच चौकियों पर कारों और बसों की लंबी लाइनों को देखा गया। कई लोगों ने पैदल ही सीमाओं को पार किया।

जिनेवा स्थित यूएनएचआरसी की प्रवक्ता शाबिया मंटू ने कहा कि यूक्रेन के 2,81,000 लोगों ने पोलैंड में प्रवेश किया है और हंगरी में 84,500 से अधिक, मोल्दोवा में लगभग 36,400, रोमानिया में 32,500 से अधिक लोगों तथा स्लोवाकिया में लगभग 30,000 लोग पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि कि शेष अन्य देशों में पहुंचे है। यूक्रेन से सैकड़ों शरणार्थियों को लेकर एक और ट्रेन सोमवार तड़के दक्षिण-पूर्वी पोलैंड के प्रेजेमिस्ल शहर पहुंची।

कई सौ शरणार्थी हंगरी के सीमावर्ती गांव बेरेगसुरनी में एक अस्थायी केंद्र में ठहरे हुए थे, जहां वे पारगमन केंद्रों की ओर जाने के लिए वाहनों की प्रतीक्षा कर रहे थे। पूर्वी यूरोप के अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों की तरह, बेरेगसुरनी में एक केंद्र में कई शरणार्थी भारत, नाइजीरिया और अन्य अफ्रीकी देशों से हैं, और वे यूक्रेन में काम कर रहे थे या पढ़ाई कर रहे थे।

पश्चिमी यूक्रेन के टेरनोपिल में पढ़ने वाला 22 वर्षीय एक भारतीय मेडिकल छात्र मसरूर अहमद 18 अन्य भारतीय छात्रों के साथ हंगरी की सीमा पर आया था। उन्होंने कहा कि उन्हें राजधानी बुडापेस्ट पहुंचने की उम्मीद है, जहां भारत सरकार ने अपने नागरिकों को निकालने के लिए उड़ानों का संचालन किया है।

उन्होंने कहा कि टेरनोपिल में अभी युद्ध की शुरुआत नहीं हुई है, लेकिन ‘‘वहां भी किसी वक्त बमबारी हो सकती है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमें यकीन नहीं है, इसलिए हमने वह शहर छोड़ दिया।’’ हंगरी ने यूक्रेन छोड़ने वाले सभी शरणार्थियों के लिए अपनी सीमाएं खोल दी हैं, जिसमें तीसरे देश के नागरिक भी शामिल हैं जो यूक्रेन में अपने प्रवास की बात साबित कर सकते हैं। संयुक्‍त राष्ट्र के शरणार्थी मामलों के उच्चायोग (यूएनएचसीआर) प्रमुख फिलिपो ग्रांडी ने सोमवार को ट्वीट किया कि पांच लाख से अधिक शरणार्थी अब यूक्रेन से पड़ोसी देशों में आ गये हैं।

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