लाइव न्यूज़ :

यूएस के सामने गिड़गिड़ाया पाकिस्तान, कहा- मुझे FATF की ‘निगरानी सूची’ से बाहर निकलवाए

By भाषा | Updated: January 21, 2020 13:48 IST

डान अखबार की खबर में कहा गया कि पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने वाशिंगटन में मीडिया ब्रीफिंग के दौरान कहा कि पाकिस्तान को उम्मीद है कि अमेरिका एफएटीएफ की बीजिंग में होने वाली बैठक के दौरान सूची से निकलने के उसके प्रयासों में उसकी मदद करेगा।

Open in App
ठळक मुद्देबीजिंग में आतंक के वित्तपोषण पर नजर रखने वाली इस अंतरराष्ट्रीय संस्था (एफएटीएफ) की बैठक होने वाली है।आतंकवाद के वित्तपोषण और धनशोधन के खिलाफ कड़े कानून बनाने के इस्लामाबाद के प्रयासों की जांच की जाएगी।

पाकिस्तान ने अमेरिका से अनुरोध किया है कि वह एफएटीएफ की निगरानी सूची से बाहर निकलवाने के उसके प्रयासों का समर्थन दे।

बीजिंग में आतंक के वित्तपोषण पर नजर रखने वाली इस अंतरराष्ट्रीय संस्था (एफएटीएफ) की बैठक होने वाली है और इसमें आतंकवाद के वित्तपोषण और धनशोधन के खिलाफ कड़े कानून बनाने के इस्लामाबाद के प्रयासों की जांच की जाएगी।

द न्यूज की खबर के मुताबिक एक पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल रविवार को बीजिंग पहुंचा। फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) कार्यकारी समूह की तीन दिवसीय बैठक 21 जनवरी से शुरू हो रही है। इस दौरान इस पर चर्चा की जाएगी कि क्या पाकिस्तान ने पाकिस्तान को पूर्व में दिए गए एजेंडे का पालन किया।

पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व आर्थिक मामलों के मंत्री हम्माद अजहर कर रहे हैं और इसमें राष्ट्रीय आतंकवाद निरोधक प्राधिकरण, विदेश मंत्रालय और पाकिस्तान स्टेट बैंक के प्रतिनिधि भी शामिल हैं। एफएटीएफ ने अक्टूबर में पाकिस्तान को अपनी ‘निगरानी’ सूची में रखने का फैसला किया था क्योंकि वह लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और अन्य आतंकवादी संगठनों को वित्त पोषण पर प्रभावी तरीके से अंकुश लगाने में नाकाम रहा था।

डान अखबार की खबर में कहा गया कि पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने वाशिंगटन में मीडिया ब्रीफिंग के दौरान कहा कि पाकिस्तान को उम्मीद है कि अमेरिका एफएटीएफ की बीजिंग में होने वाली बैठक के दौरान सूची से निकलने के उसके प्रयासों में उसकी मदद करेगा।

उन्होंने कहा, “यह बैठक हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके बाद अप्रैल में पेरिस में एक बैठक होगी जिसमें यह तय होगा कि विश्व निकाय पाकिस्तान को सूची में रखने का फैसला करता है या उसे हटाने का।”

टॅग्स :पाकिस्तानअमेरिकाइमरान खानइंडियाडोनाल्ड ट्रंप
Open in App

संबंधित खबरें

विश्वकर्ज़ में डूबे पाकिस्तान के लिए भारी मुसीबत, यूएई ने इसी महीने 3.5 अरब डॉलर का लोन चुकाने को कहा

कारोबारपश्चिम एशिया संघर्षः भारत मजबूती से उभरा और हालात का डटकर मुकाबला किया?, विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा- युद्ध से करोड़ों लोग परेशान, वीडियो

भारतदेश के लिए समर्पित ‘एक भारतीय आत्मा’

विश्वअसल समस्या ट्रम्प हैं या दुनिया का दरोगा बनने की अमेरिकी मनोदशा?

विश्वअबू धाबी में रोकी गई ईरानी मिसाइलों के मलबे की चपेट में आने से घायल 12 लोगों में 5 भारतीय शामिल

विश्व अधिक खबरें

विश्ववैज्ञानिकों ने हमारे सौरमंडल के बाहर 45 पृथ्वी जैसे ग्रहों को खोज निकाला

विश्व2027 में रिटायरमेंट और 2026 में जबरन हटाया?, सेना प्रमुख जनरल रैंडी जॉर्ज पर गाज?, ईरान युद्ध के बीच अमेरिकी रक्षा में हलचल

विश्वअमेरिका-इजरायल के वार बेअसर? हमलों के बावजूद ईरान की मिसाइल क्षमता बरकरार: रिपोर्ट

विश्वNASA Artemis II: पृथ्वी पीछे छूटी, लक्ष्य सामने! मानव इतिहास में पहली बार आर्टेमिस II 'वहां' जाने की तैयारी, जहां कोई नहीं पहुंचा

विश्वकौन कहता है कि अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ता!