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न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के नेताओं ने वायरस की उत्पति की जांच की मांग की

By भाषा | Updated: May 31, 2021 20:26 IST

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वेलिंगटन, 31 मई (एपी) चीन को लेकर न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के नेताओं ने अपने मतभेदों को दरकिनार कर कोरोना वायरस की उत्पति के लिए और जांच किए जाने की अपील की। दोनों देशों के नेताओं की एक वर्ष के बाद सोमवार को आमने-सामने बैठक हुई।

दोनों देशों के नेताओं ने ऑस्ट्रेलिया में जन्मे एक व्यक्ति के न्यूजीलैंड में कैद में रहने के भी संकेत दिए, जिसने काफी संख्या में लोगों की हत्याएं की थी।

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने क्वींसटाउन में न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जेसिंडा अर्डर्न के साथ मुलाकात की। कोरोना वायरस के कारण पिछले वर्ष दोनों देशों द्वारा अपनी सीमाएं बंद करने के बाद मॉरिसन पहले बड़े नेता हैं, जिन्होंने न्यूजीलैंड का दौरा किया।

हाल के वर्षों में ऑस्ट्रेलिया ने चीन के खिलाफ कड़ा रूख अपनाया है और दोनों देशों के बीच संबंधों में तनाव आया है।

न्यूजीलैंड कई बार ज्यादा कूटनीतिक रुख अपनाता है और कुछ लोग इसे ज्यादा ही नरम बताते हैं।

मॉरिसन ने कहा कि उनकी और अर्डर्न की सोच एक जैसी है।

मॉरिसन ने कहा, ‘‘ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड वाणिज्यिक देश हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन हममें से कोई भी अपनी संप्रभुता या मूल्यों का व्यवसाय नहीं करता है। इन मूल्यों को बचाने एवं इनकी रक्षा करने के लिए हम एकजुट होकर खड़े हैं। न केवल गल्लीपोली बल्कि अफगानिस्तान एवं विश्व के कई अन्य स्थानों को लेकर हमारे विचार एकसमान हैं।’’

अर्डर्न ने कहा कि मानवाधिकार और व्यवसाय को लेकर न्यूजीलैंड का चीन के प्रति मजबूत एवं सिद्धांत वाला रवैया है और इसका विचार बहुत कुछ ऑस्ट्रेलिया जैसा है।

उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा के साथ न्यूजीलैंड खुफिया सूचनाएं साझा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

बीजिंग में चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने कहा कि दोनों नेताओं ने हांगकांग, शिनजियांग और दक्षिण चीन सागर को लेकर चीन के अंदरूनी मामलों के बारे में ‘‘गैर जिम्मेदाराना टिप्पणियां’’ की हैं, जिसे चीन अपना क्षेत्र मानता है।

वांग ने दैनिक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि दोनों नेता ‘‘अंतरराष्ट्रीय कानून के मौलिक नियमों का गंभीर उल्लंघन करने और चीन के अंदरूनी मामलों में हस्तक्षेप करने के’’ दोषी हैं।

दोनों नेताओं ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन महमाारी की उत्पति की जांच जारी रखेगा।

दोनों नेताओं ने संकेत दिए कि न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च के दो मस्जिदों में 51 श्रद्धालुओं की हत्या करने वाले ऑस्ट्रेलियाई नागरिक ब्रेंटन टेरांट बिना पैरोल के न्यूजीलैंड में आजीवन कारावास की सजा भुगतता रहेगा।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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