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Nelson Mandela Birth Anniversary: अफ्रीका के 'गांधी' नेल्‍सन मंडेला, जेल में काटे 27 साल, फिर बने राष्ट्रपति

By विनीत कुमार | Updated: July 18, 2020 06:11 IST

Nelson Mandela Birth Anniversary: नेल्सन मंडेला का जन्म 18 जुलाई, 1918 को हुआ था। रंगभेद के खिलाफ लड़ाई में अहम भूमिका निभाने वाले नेल्सन मंडेला का अफ्रीका का 'गांधी' भी कहा गया है।

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ठळक मुद्देरंग भेद के खिलाफ लड़ाई में नेल्‍सन मंडेला का रहा है अहम योगदान मंडेला ने रंग भेद के खिलाफ लड़ते हुए 27 साल जेल में काटे महात्मा गांधी के विचारों से थे प्रेरित थे नेल्सन मंडेला, अपनी जीवनी 'लॉन्ग वॉक टू फ्रीडम' भी लिखी

Nelson Mandela International Day 2020 (नेल्सन मंडेला अन्तर्राष्ट्रीय दिवस २०२०): अफ्रीका के 'गांधी' कहे जाने वाले नेल्‍सन मंडेला (Nelson Mandela) की आज जयंती मनाई जा रही है। इसे मंडेला डे (Mandela Day) भी कहा जाता है। रंग भेद के खिलाफ लड़ाई में अहम योगदान निभाने वाले नेल्सन मंडेला ने अपने जीवन के 27 साल जेल में बिताए। हालात कैसे भी रहें, उन्होंने भी जीवन भर अंहिसा का रास्ता अपनाया और मजबूती से अपनी बात उठाते रहे। यही कारण भी है कि उन्हें अफ्रीका का 'गांधी' कहा गया।

नेल्सन मंडेला का जन्म 18 जुलाई, 1918 को दक्षिण अफ्रीका संघ के ईस्टर्न केप के म्वेजो गांव में हुआ था। मंडेला अपने पिता गाडला नकोसी म्फाकेनिस्वाक और उनकी तीसरी पत्नी नेक्यूफी नोसकेनी के संतान थे। नेल्सन मंडेला जब केवल 12 साल के थे, तभी उनके पिता चल बसे थे।

नेल्सन मंडेला अपनी मां नोसकेनी की पहली और पिता की सभी संतानों में 13 भाइयों में तीसरे थे। मंडेला के पिता थेम्बु लोगों के राजा जोंगिनताबा डालिनड्येबो के मुख्य सलाहकार थे। दूसरे शब्दों में वे जनजातीय सरदार थे। स्थानीय भाषा में सरदार के बेटे को मंडेला कहते थे, जिससे उन्हें ये उपनाम मिला। 

Nelson Mandela: काले-गोरे के भेद के खिलाफ आवाज की बुलंद

नेल्सन मंडेल जब शिक्षा ले रहे थे तब काले-गोरे का भेद बहुत था। नेल्सन मंडेल को ये बाते कचोटती थी। नेल्सन मंडेला अपना जूनियर सर्टिफिकेट हासिल करने के बाद यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ फोर्ट हारे में बैचलर डिग्री के लिए पहुंचे। हालांकि, छात्रों के एक प्रदर्शन में हिस्सा लेने के कारण उन्हें यूनिवर्सिटी से निकाल दिया गया और वे अपनी डिग्री पूरी नहीं कर सके। हालांकि बाद में उन्होंने 1943 में डिग्री हासिल की।

इस बीच में सामाजिक कार्यों और राजनीति से जुड़ने लगे थे। साल 1943 में पहले अफ्रीकी नेशनल कांग्रेस (ANC) के कार्यकर्ता बनने के बाद इसके यूथ लीग के संस्थापक बने। इसके बाद उन्होंने वकालत की पढ़ाई की और अपने साथी ओलीवर टोम्बो के साथ जोहान्सबर्ग में वकालत करने लगे। दोनों ने मिलकर रंगभेद के खिलाफ आवाज उठाई। साल 1956 में नेल्सन मंडेला के साथ-साथ 155 कार्यकर्ताओं पर मुकदमा भी चला हालांकि चार साल में इसे खत्म भी कर दिया गया। नेल्सन मंडेल के लिए मुश्किलें हालांकि अभी बढ़ने वाली थी।

Nelson Mandela: 27 साल रहे जेल में फिर राष्ट्रपति बने

साल 1960 में ANC पर आखिकार प्रतिबंध लग गया। मंडेला इस बीच संक्रिय रहे। 5 अगस्त 1962 को उन्हें मजदूरों को हड़ताल के लिए उकसाने और बिना अनुमति देश छोड़ने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया। उन पर मुकदमा चलाया गया और मंडेल के साथ-साथ सात अन्य आरोपियों को 11 जून 1964 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। आखिरकार 27 साल उन्हें जेल में बिताने पड़े।

कई साल जेल में बिताने के बाद 11 फरवरी 1990 को उनकी रिहाई हुई। इससे करीब 9 दिन पहले ANC से भी प्रतिबंध हटा लिया गया था। 1994 में पहली बार दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद रहित चुनाव हुए। अफ्रीकन नेशनल कांग्रेस ने 62 प्रतिशत मत प्राप्त किये और बहुमत के साथ उसकी सरकार बनी। मंडेला 10 मई 1994 को अपने देश के पहले अश्वेत राष्ट्रपति बने। ये वो चुनाव भी था जब मंडेला ने पहली बार अपने जीवन में वोट डाला। वादे के अनुसार उन्होंने बतौर राष्ट्रपति एक कार्यकाल पूरा करने के बाद 1999 में खुद पद छोड़ भी दिया।

1993 में नोबेल शांति पुरस्कार

नेल्सन मंडेला को 1993 में शांति नोबेल पुरस्कार दिया गया था। ये उनके राष्ट्रपति बनने से पहले दिया गया था। मंडेला ने अपने जीवन में तीन शादियां की। मंडेला ने पहली शादी 1944 में अपने मित्र और सहयोगी वॉल्टर सिसुलू की चचेरी बहन इवलिन मेस से की। मेस एक नर्स थीं। ये शादी 1958 में टूट गई। इसके बाद 1961 में मंडेला की मुलाकात अपनी दूसरी पत्नी नोमजामो विनी मेडीकिजाला से हुई। 1998 में अपने 80वें जन्मदिन पर उन्होंने ग्रेस मेकल से विवाह किया। नेल्सन मंडेला का देहांत 5 दिसंबर 2013 को दक्षिण अफ्रीका के जोहन्सबर्ग में  हुआ।

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