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Iran Israel Crisis: इजरायल ने ईरान में एस-300 मिसाइल डिफेंस सिस्टम को बनाया था निशाना, सैटेलाइट तस्वीरों से हुई पुष्टि

By शिवेन्द्र कुमार राय | Updated: April 23, 2024 11:39 IST

ईरान के पास रूसी मिसाइल डिफेंस सिस्टम S-300 है जिसकी मारक क्षमता 200 किलोमीटर (125 मील) तक है। यह एक साथ कई लक्ष्यों को ट्रैक करने और उन पर हमला करने की क्षमता रखता है।

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ठळक मुद्देइजरायल ने ईरान में एस-300 मिसाइल डिफेंस सिस्टम को बनाया था निशानासोमवार को ली गई सैटेलाइट तस्वीरों से इस बात की पुष्टि हुई हैईरान के अधिकारियों ने हमले में किसी भी नुकसान से बार-बार इनकार किया है

Iran Israel Crisis:  ईरान के हमले के जवाब में की गई  इजरायली कार्रवाई में ईरान के केंद्रीय शहर इस्फ़हान को निशाना बनाया गया था। यहां रूस निर्मित वायु रक्षा बैटरी के रडार सिस्टम पर हमला हुआ था। सोमवार को ली गई सैटेलाइट तस्वीरों से इस बात की पुष्टि हुई है। हालांकि ईरान  के अधिकारियों ने हमले में किसी भी नुकसान से बार-बार इनकार किया है।

एस-300 राडार पर हमला इजरायलियों द्वारा किया गया एक बहुत ही सीमित हमला था। यह 13 अप्रैल को ईरान द्वारा इजरायल के खिलाफ किए गए बड़े पैमाने पर ड्रोन और मिसाइल हमले की तुलना में कहीं कम असर वाला था। शायद यही कारण है कि ईरानी सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई तक के अधिकारी इस चर्चा को खारिज करने की कोशिश कर रहे हैं कि हमले ईरानी धरती को निशाना बनाया गया।

विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान के पास मौजूद परमाणु स्थलों की सुरक्षा के लिए उपयोग की जाने वाली सबसे उन्नत वायु रक्षा प्रणाली एस-300 पर हमला कर के इजरायल ने एक संदेश देने की कोशिश की है। प्लैनेट लैब्स पीबीसी द्वारा सोमवार, 22 अप्रैल की सुबह  तेहरान से लगभग 320 किलोमीटर (200 मील) दक्षिण में इस्फ़हान के दोहरे उपयोग वाले हवाई अड्डे और हवाई अड्डे के पास ली गई उपग्रह छवियों में पास का एक क्षेत्र दिखाया गया है। यहां ईरान की वायु रक्षा प्रणाली की तैनाती है। विश्लेषकों ने इसकी पहचान एस-300 के लिए उपयोग किए जाने वाले "फ्लैप-लिड" रडार सिस्टम के रूप में की है।

बता दें कि ईरान के पास रूसी मिसाइल डिफेंस सिस्टम S-300 है जिसकी मारक क्षमता 200 किलोमीटर (125 मील) तक है। यह एक साथ कई लक्ष्यों को ट्रैक करने और उन पर हमला करने की क्षमता रखता है। यह रूस के सबसे शक्तिशाली वायु रक्षा हथियारों में से एक है। हालांकि रूस अब S-400 का प्रयोग करता है। इसकी बैटरियों का उपयोग मिसाइलों के साथ-साथ विमानों को भी मार गिराने के लिए किया जा सकता है।

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