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ईरान ने माना रूस निर्मित इन दो मिसाइलों से बनाया गया था यूक्रेनी विमान को निशाना, सभी 176 लोगों की हुई थी मौत

By भाषा | Updated: January 22, 2020 09:34 IST

 ईरान शुरू में तो कई दिनों तक पश्चिमी देशों के इस दावे को इनकार करता रहा कि उड़ान पी एस 752 को मार गिराया गया। लेकिन ग्यारह जनवरी को रिवोल्युशनरी गार्ड्स के एयरोस्पेस कमांडर ब्रिगेडियर जनरल आमिराली हाजीजादेह ने पूरी जिम्मेदारी ली।

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ठळक मुद्देईरान ने स्वीकार किया कि उसके सशस्त्र बलों ने यूक्रेन के विमान पर रूस निर्मित दो मिसाइलें दागी थी। TOR M-1 से किया गया था विमान पर हमला

ईरान ने मंगलवार को स्वीकार किया कि उसके सशस्त्र बलों ने यूक्रेन के विमान पर रूस निर्मित दो मिसाइलें दागी थी। तेहरान के हवाई अड्डे से उड़ान भरने के बाद मिसाइलों की जद में आने के कारण यह विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था और इसमें सवार सभी 176 लोगों की मौत हो गयी थी।

ईरान के नागर विमानन संगठन की शुरूआती रिपोर्ट में हालांकि इसके लिए टीओआर-एम 1 मिसाइल पर दोष मढ़ा गया है। आठ जनवरी को विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद ईरान कई दिनों तक इनकार करता रहा कि उसने विमान पर मिसाइलें दागी थी।

शुरूआत में उसने हादसे के लिए तकनीकी गड़बड़ी और इंजन में खराबी को जिम्मेदार ठहराया था। लेकिन, अमेरिका और कनाडा ने जब कहा कि यह विमान मिसाइलों का निशाना बन गया तो ईरान के सशस्त्र बलों ने कहा कि देश के अर्द्धसैन्य रिवॉल्यूशनरी गार्ड द्वारा दागी गयी मिसाइलों की चपेट में यह विमान आ गया। इस घटना की पूर्ण और पारदर्शी जांच करने का ईरान पर अंतरराष्ट्रीय दबाव है। ईरान के सिविल एविएशन ओर्गनाइजेशन ने सोमवार देर शाम अपनी वेबसाइट पर प्रारंभिक रिपोर्ट डालते हुए कहा, ‘‘ जांचकर्ताओं...ने यह पता लगाया है कि दो टोर-एम1 मिसाइलें...विमान पर दागी गईं।’’ 

रिपोर्ट में कहा गया कि मामले की जांच जारी है। इस बयान में न्यूयार्क टाईम्स की एक रिपोर्ट की पुष्टि की गयी है जिसके वीडियो फुटेज में नजर आ रहा है कि विमान पर मिसाइलनुमा दो चीजें दागी जा रही है। टोर-एम1 सतह से हवा में मार करने वाली छोटी दूरी की मिसाइल है जिसे पूर्व सोवियत संघ ने विकसित किया था। इसका विकास विमान या क्रूज मिसाइल को निशाना बनाने के लिए किया गया था।

 ईरान शुरू में तो कई दिनों तक पश्चिमी देशों के इस दावे को इनकार करता रहा कि उड़ान पी एस 752 को मार गिराया गया। लेकिन ग्यारह जनवरी को रिवोल्युशनरी गार्ड्स के एयरोस्पेस कमांडर ब्रिगेडियर जनरल आमिराली हाजीजादेह ने पूरी जिम्मेदारी ली। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि जिसने यह मिसाइल दागी, वह मिसाइल ऑपरेटर स्वतंत्र रूप से काम कर रहा था। यह घटना अमेरिका और ईरान के बीच भीषण तनाव के मध्य हुई ।

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