नई दिल्ली: जॉर्डन के विदेश मंत्रालय द्वारा साझा किए गए एक संदेश के अनुसार, गुरुवार को यूएई के अबू धाबी में मिसाइल को रोके जाने के बाद गिरे मलबे की चपेट में आकर मारे गए दो लोगों में से एक भारतीय नागरिक था। संदेश में यह भी बताया गया है कि घायल होने के बाद भी जान बचाने में सफल रहे तीन लोगों में एक अन्य भारतीय नागरिक और एक जॉर्डन का नागरिक शामिल थे।
जॉर्डन के विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि मलबे की चपेट में आकर जान गंवाने वाला दूसरा व्यक्ति एक पाकिस्तानी नागरिक था। जॉर्डन ने इस घटना की निंदा करते हुए इसे ईरान द्वारा किया गया हमला करार दिया। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, यह दुखद घटना अबू धाबी की स्वेहान स्ट्रीट पर हुई।
अबू धाबी मीडिया ऑफिस ने घटना के दौरान एक बयान में कहा, "अबू धाबी के अधिकारियों ने स्वेहान स्ट्रीट पर मलबा गिरने की एक घटना पर कार्रवाई की है, जो हवाई रक्षा प्रणालियों द्वारा एक बैलिस्टिक मिसाइल को सफलतापूर्वक रोकने के बाद हुई।"
ईरान और इज़राइल तथा अमेरिका के संयुक्त मोर्चे के बीच मौजूदा युद्ध शुरू होने के बाद से, ऊर्जा बुनियादी ढांचे सहित यूएई भर में कई जगहों को ईरानी ड्रोन और मिसाइलों द्वारा निशाना बनाया गया है। गल्फ न्यूज़ ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया कि अब तक, यूएई ने पूरे देश में युद्ध से संबंधित 11 मौतों की सूचना दी है।
इस संख्या में अबू धाबी में हुई हालिया मौतें भी शामिल हैं। इससे पहले दर्ज की गई नौ मौतों में यूएई के सशस्त्र बलों के तीन सदस्य शामिल थे। यूएई के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि अब तक पाकिस्तानी, नेपाली, बांग्लादेशी और फिलिस्तीनी नागरिकता वाले छह लोग भी मारे गए हैं।