लाइव न्यूज़ :

जर्मनी की अदालत ने आईएस के पूर्व सदस्य को यजीदी बच्ची की मौत का दोषी करार दिया

By भाषा | Updated: November 30, 2021 18:02 IST

Open in App

बर्लिन, 30 नवंबर (एपी) जर्मनी की एक अदालत ने पांच साल की यजीदी बच्ची की मौत के मामले में इस्लामिक स्टेट समूह के पूर्व सदस्य को मंगलवार को नरसंहार और युद्ध अपराध का दोषी करार दिया। व्यक्ति ने पांच साल की बच्ची को गुलाम के तौर पर खरीदा था और सजा के तौर पर उसे कड़ी धूप में जंजीरों से बांध दिया था जिससे उसकी मौत हो गई थी।

फ्रैंकफर्ट की क्षेत्रीय अदालत ने इराकी नागरिक ताहा अल-जे को उम्रकैद की सजा सुनाई और बच्ची की मां को 50,000 यूरो (57,000 अमेरिकी डॉलर) देने का आदेश दिया। दोषी का उपनाम निजता नियमों के कारण सार्वजनिक नहीं किया गया है।

जर्मन समाचार एजेंसी ‘डीपीए’ की खबर के अनुसार, मामले की सुनवाई कर रहे जज क्रिस्टोफर कोल्लर ने कहा कि यजीदी धार्मिक अल्पसंख्यकों का आईएस द्वारा सुनियोजित रूप से दमन किए जाने में भूमिका के लिए पूरी दुनिया में किसी को दोषी करार दिए जाने की यह पहली घटना है।

हालांकि, बचाव पक्ष के वकील ने अपने मुवक्किल के खिलाफ आरोपों से इंकार किया था।

उक्त दोषी की जर्मन पत्नी को भी इसी मामले में पिछले महीने 10 साल कैद की सजा सुनाई गई।

संयुक्त राष्ट्र ने उत्तरी इराक में अपनी ही धरती पर यजीदी समुदाय के लोगों के खिलाफ 2014 में आईएस के हमलों को नरसंहार करार देते हुए कहा था कि 4,00,000 आबादी वाले यजीदी समुदाय के लोग या तो ‘‘भागने पर मजबूर हुए हैं, यह पकड़े गए हैं या फिर उनको मार दिया गया है।’’ इनमें से हजारों लोगों को आईएस ने पकड़ा। उसने लड़कों को अपने पक्ष में लड़ने पर मजबूर किया, जिन पुरुषों ने इस्लाम नहीं अपनाया उन्हें मार डाला गया और महिलाओं तथा बच्चियों को गुलामी के लिए बेच दिया गया।

जर्मन अभियोजकों के अनुसार, अल-जे ने 2015 में सीरिया में आईएस के एक शिविर से एक यजीदी महिला और उसकी पांच साल की बेटी को गुलाम के रूप में खरीदा। दोनों को आतंकवादी संगठन ने 2014 के अगस्त में उत्तरी इराक से पकड़ा था जिसके बाद मां-बेटी को बार-बार खरीदा-बेचा गया।

तय आरोप के अनुसार, अल-जे मां-बेटी को अपने साथ इराक के फलुजा शहर में अपने घर ले गया और उन्हें ‘‘मकान की देखभाल करने और कठोर इस्लामिक कानून के अनुरुप रहने को मजबूर किया’’ । इस दौरान उसने मां-बेटी को भर पेट भोजन भी नहीं दिया और सजा के तौर पर लगातार उनकी पिटाई की।

अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया कि 2015 के अंत में अल-जे ने बच्ची को 50 डिग्री सेल्सियस की तेज धूप में खिड़की की छड़ से जंजीरों से बांध दिया और इसी सजा के क्रम में बच्ची की मौत हो गई। बच्ची को यह सजा कथित रूप से रात को बिस्तर गीला करने के कारण दी गई थी।

तमाम प्रताड़ना झेलने के बाद सुरक्षित बच गयी बच्ची की मां ने दोनों ही मुकदमों में गवाही दी है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

ज़रा हटकेVIDEO: पूजा करने गया था श्रद्धालु, मंदिर में ही हो गई पिटाई – CCTV फुटेज वायरल

क्रिकेटKKR का खाता खुला, PBKS टॉप पर, मैच रद्द होने से बदला पूरा समीकरण

क्रिकेटKKR vs PBKS: ईडन गार्डन्स में आउटफील्ड गीली होने के कारण मैच रद्द, दोनों टीमों को एक-एक अंक मिला

ज़रा हटकेVIDEO: हाईवे पर खतरनाक टावर गिरा, मौके पर प्रशासन मौजूद

भारतWest Bengal: विधानसभा चुनावों से पहले बंगाल की वोटर लिस्ट से करीब 90 लाख नाम हटाए गए

विश्व अधिक खबरें

विश्वखुफिया प्रमुख मेजर जनरल माजिद खादेमी की मौत, इजराइल-अमेरिका ने ईरान किया हमला, 25 मरे?, जवाब में ईरान ने पड़ोसी खाड़ी देशों पर मिसाइलें दागीं

विश्वअफगानिस्तान में भारी बारिश, 77 लोगों की मौत, 137 लोग घायल और हजारों लोग विस्थापित, वीडियो

विश्वसमय तेजी से बीत रहा और 48 घंटे बाद उन पर कहर टूट पड़ेगा?, ट्रंप ने कहा- होर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोले तो?

विश्व5 दिन और न्यायिक हिरासत में रहेंगे पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक

विश्वUS-Israel-Iran War: ट्रंप का दावा- "तेहरान हमले में ईरानी सैन्य नेता ढेर", IDF ने हिज्बुल्लाह और ईरान के 200 से ज्यादा ठिकानों को बनाया निशाना