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सीओपी26: इंडिया ग्रीन गारंटी की शुरुआत, भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए नये कोष का वादा

By भाषा | Updated: November 1, 2021 23:09 IST

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(अदिति खन्ना)

ग्लासगो, एक नवंबर भारत में हरित परियोजनाओं के लिए 75 करोड़ पाउंड की अतिरिक्त राशि के वास्ते ब्रिटेन विश्व बैंक को ‘इंडिया ग्रीन गारंटी’ प्रदान करेगा। यह घोषणा सोमवार को ग्लासगो में आयोजित हो रहे सीओपी26 शिखर सम्मेलन में की गई।

हरित गारंटी वित्तपोषण स्वच्छ ऊर्जा, परिवहन और शहरी विकास जैसे क्षेत्रों में स्वच्छ और लचीले बुनियादी ढांचे का समर्थन करेगा।

इसके अलावा, ब्रिटेन ने सहायता-समर्थित निजी अवसंरचना विकास समूह (पीआईडीजी) के तहत भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों सहित विकासशील देशों में परिवर्तनकारी हरित परियोजनाओं का समर्थन करने के लिए संयुक्त राष्ट्र जलवायु शिखर सम्मेलन में 21 करोड़ पाउंड से अधिक के नये निवेश की प्रतिबद्धता जताई है।

ब्रिटेन का पीआईडीजी वित्तपोषण भारत में इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण, वियतनाम में ग्रीन बॉण्ड और बुर्किना फासो, पाकिस्तान, नेपाल और चाड में सौर ऊर्जा सहित विभिन्न योजनाओं में किया जाएगा, जिनके अतिरिक्त निजी क्षेत्र के वित्त में 47 करोड़ पाउंड से अधिक जुटाने की उम्मीद है।

ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा, ‘‘मैं ब्रिटेन की हरित औद्योगिक क्रांति को वैश्विक स्तर पर देखना चाहता हूं। स्वच्छ प्रौद्योगिकी और बुनियादी ढांचे पर परिवर्तन की गति अविश्वसनीय है, लेकिन धरती को बचाने की दौड़ में किसी भी देश को पीछे नहीं रहना चाहिए।”

विकासशील देशों को हरित प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने और उनकी अर्थव्यवस्थाओं को स्थायी रूप से विकसित करने में मदद करने के लिए सीओपी26 में ‘स्वच्छ हरित पहल’ की शुरुआत हुई।

वित्त पोषण से ब्रिटेन की नई स्वच्छ हरित पहल (सीजीआई) शुरू होगी, जो विश्व स्तर पर गुणवत्ता, टिकाऊ बुनियादी ढांचे में सार्वजनिक और निजी निवेश को बढ़ाने में मदद करेगी।

इसके अलावा, ब्रिटेन ने बहुपक्षीय विकास बैंकों को गारंटी पैकेज की भी घोषणा की, जो भारत और पूरे अफ्रीका में जलवायु संबंधी परियोजनाओं में निवेश को एक बड़ा बढ़ावा देगा।

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने सीओपी26 में ‘एक्शन एंड सॉलिडेरिटी राउंडटेबल’ में विकासशील देशों के लिए जलवायु वित्त पोषण, हरित तकनीक के लोकतंत्रीकरण और जलवायु संकट के अन्य समाधानों के महत्व पर जोर दिया, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के अलावा 24 अन्य देशों के शासनाध्यक्ष उपस्थित थे।

ब्रिटेन के विदेश सचिव लिज़ ट्रस ने कहा, ‘‘विकासशील देशों को जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने के साथ-साथ स्वच्छ विकास में मदद के लिए निवेश के सही रूप की आवश्यकता है। अवसर स्पष्ट हैं और यह नई पहल हमें विकासशील देशों में ईमानदार और जिम्मेदार निवेश तथा स्वच्छ एवं अधिक विश्वसनीय बुनियादी ढाँचा देने के लिए अपने सहयोगियों के साथ मिलकर काम करने में सक्षम बनाएगी।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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