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Coronavirus: कोरोना वायरस प्रसार के बारे में चीन को ‘‘कठोर प्रश्नों’’ के देने पड़ेंगे उत्तर: ब्रिटेन

By भाषा | Updated: April 17, 2020 05:49 IST

ब्रिटेन के विदेश मंत्री डोमनिक राब ने कहा कि ब्रिटेन और उसके सहयोगी, चीन से कोरोना वायरस प्रसार के बारे में कठोर प्रश्न पूछेंगे। उन्होंने यह भी कहा, ‘‘इस संकट के बाद हमारे बीच कामकाज पहले जैसा नहीं रहेगा।’’

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ठळक मुद्देब्रिटेन के विदेश मंत्री डोमनिक राब ने कहा कि ब्रिटेन और उसके सहयोगी, चीन से कोरोना वायरस प्रसार के बारे में कठोर प्रश्न पूछेंगे।उन्होंने यह भी कहा, ‘‘इस संकट के बाद हमारे बीच कामकाज पहले जैसा नहीं रहेगा।’’

ब्रिटेन के विदेश मंत्री डोमनिक राब ने कहा कि ब्रिटेन और उसके सहयोगी, चीन से कोरोना वायरस प्रसार के बारे में कठोर प्रश्न पूछेंगे। उन्होंने यह भी कहा, ‘‘इस संकट के बाद हमारे बीच कामकाज पहले जैसा नहीं रहेगा।’’

राब ने डाउनिंग स्ट्रीट में प्रेस वार्ता के दौरान चीन के साथ भावी संबंधों को लेकर पूछे गये सवाल के जवाब में कहा, ‘‘हमें यह कठोर प्रश्न पूछना ही होगा कि यह कैसे आया और इसे पहले क्यों नहीं रोका जा सका।’’

वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का मंत्रिमंडल कोरोना वायरस से जन्मी महामारी की उत्पत्ति की जांच कराना चाहता है।

ट्रंप प्रशासन का कहना है कि इसकी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता कि चीन के वुहान में चमगादड़ों पर हो रहे अनुसंधान से विषाणु की उत्पत्ति हुई।

बीजिंग ने कहा था कि वुहान में जानवरों के बाजार में मनुष्य इस विषाणु से संक्रमित हुआ होगा। लेकिन वाशिंगटन पोस्ट और फॉक्स न्यूज ने गुमनाम स्रोतों के हवाले से बताया कि कोरोना वायरस एक संवेदनशील जैव अनुसंधान केंद्र से दुर्घटनावश बाहर आया होगा।

अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने फॉक्स न्यूज से कहा, “हम हर चीज की पूरी जांच कर रहे हैं ताकि हम यह जान सकें कि विषाणु बाहर कैसे आया और दुनियाभर में कैसे फैला और आज इसने अमेरिका और पूरी दुनिया में इतनी तबाही मचाई है और इतने लोगों की जान ली है।”

उन्होंने खबरों को दरकिनार नहीं किया और कहा कि अमेरिका जानता था कि वुहान की प्रयोगशाला में अति संक्रामक सामग्री है।

पोम्पिओ ने कहा, “खुली मानसिकता वाले और पारदर्शी देश इतने सक्षम होते हैं कि चीजों को नियंत्रण में रख सकें और सुरक्षित रहें। वे बाहरी लोगों को अनुमति देते हैं ताकि वे आश्वस्त हो सकें कि सभी प्रक्रिया सही है।”

उन्होंने कहा, “काश ऐसा यहां भी होता। हमें इसके बारे में और जानकारी होती और हम आज यह भी जान पाते कि वहां क्या हुआ।”

चीन की प्रयोगशाला की खबरों के बारे में पूछे जाने पर बुधवार को एक संवाददाता सम्मेलन में ट्रंप ने कहा कि उन्हें बहुत सारी कहानियां सुनने को मिल रही हैं और अमेरिका गहन छानबीन कर रहा है। ट्रंप ने लगातार कोरोना वायरस संकट के लिए चीन और विश्व स्वास्थ्य संगठन को जिम्मेदार ठहराया है।

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