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अमेरिका के एक समूह ने एच1बी वीजा संबंधी बाइडन प्रशासन के कदमों का विरोध किया

By भाषा | Updated: March 12, 2021 11:41 IST

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(ललित के झा)

वाशिंगटन, 12 मार्च अमेरिका के एक समूह ने पूर्ववर्ती ट्रंप प्रशासन के एच1बी वीजा से संबंधित कुछ फैसलों को पलटने के बाइडन प्रशासन के कदम का बृहस्पतिवार को विरोध किया। खासकर विदेशी प्रौद्योगिकी पेशेवरों के लिए सबसे अधिक मांग वाले कामकाजी वीजा के आवंटन के लिए लॉटरी व्यवस्था शुरू करने के निर्णय का।

‘मॉडिफिकेशन ऑफ रजिस्ट्रेशन रिक्वायरमेंट फॉर पिटिशनर्स सीकिंग टू फाइल केप सब्जेक्ट एच1बी पिटिशन्स’ नियम के तहत अमेरिका की नागरिकता एवं आव्रजन सेवा (यूएससीआईएस) के लिए यह आवश्यक है कि वह एच1बी केप सब्जेक्ट वीजा के लिए अधिक भुगतान प्राप्त एवं उच्च कौशल से लैस विदेशी कर्मचारियों को प्राथमिकता दे और इस तरह यह सुनिश्चित करे कि अमेरिकी कारोबार सर्वश्रेष्ठ विदेशी कर्मचारियों की सेवा ले सकें।

देश के सबसे बड़े आव्रजन सुधार समूह फेडरेशन फॉर अमेरिकन इमिग्रेशन रिफॉर्म (फेयर) ने गृह सुरक्षा विभाग (डीएचएस) से कहा है कि पूर्ववर्ती ट्रंप प्रशासन के नियम को लागू करने से एच1बी वीजा कार्यक्रम का दुरूपयोग कम हो जाएगा तथा अमेरिकी कर्मचारियों की रक्षा भी होगी।

फेयर के अध्यक्ष डेन स्टेन ने कहा, ‘‘राष्ट्रपति जो बाइडन स्वयं को मध्यम वर्ग के शख्स के तौर पर खुद को अमेरिकी कर्मचारियों का रक्षक बताते हैं। फिर भी उनका प्रशासन नियम में एक अहम बदलाव को कम से कम एक वर्ष के लिए रोकना चाहता है जो एच1बी वीजा कार्यक्रम का दुरूपयोग और अमेरिकी लोगों के वेतन में कटौती को रोकने से संबंधित है।’’

इसमें कहा गया, ‘‘फेयर अंतिम नियम की विषयवस्तु का मजबूती से समर्थन करता है और डीएचएस से इसे अविलंब लागू करने का अनुरोध करता है।’’

डीएचएस की वर्तमान नीतियों के तहत जब एच1बी वीजा की मांग तय संख्या से अधिक हो जाती है तो यूएससीआईएस को लॉटरी प्रणाली का इस्तेमाल करके लोगों को चुनना होता है।

स्टेन ने कहा, ‘‘लॉटरी चयन प्रक्रिया में वेतन, कौशल स्तर का कोई महत्व नहीं है तथा यह प्रक्रिया यह सुनिश्चित करने में भी विफल है कि कारोबारों को वास्तव में सर्वश्रेष्ठ और बुद्धिमान कर्मचारी मिलेंगे। इससे भी खराब बात यह है कि लॉटरी के कारण ऐसे हालात बनते हैं जहां अमेरिकी कर्मचारियों की जगह ऐसे विदेशी कर्मचारी ले सकते हैं जिन्हें कम वेतन दिया गया हो या फिर जिनमें कौशल की कमी हो।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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