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80 फीसदी चीन के लोग हो चुके हैं कोरोना से संक्रमित, जानें दूसरी लहर को लेकर देश के बड़े वैज्ञानिकों का क्या है दावा

By आजाद खान | Updated: January 22, 2023 09:39 IST

चीन के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के मुख्य महामारी विज्ञानी वू ज़ून्यौ का कहना है कि चूंकि चंद्र नववर्ष पर भारी तादात में लोग सफर कर रहे है, इससे देश में महामारी के फैलने के आसार बढ़ गए है।

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ठळक मुद्देचीन में 80 फीसदी लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके है।ऐसे में देश के बड़े विज्ञानिकों का यह दावा है कि चीन में कोरोना की दूसरी लहर नहीं आएगी।आपको बता दें कि चीन में चंद्र नववर्ष पर भारी तादात में लोग सफर कर रहे है जिससे कोरोना के संक्रमण के बढ़ने का खतरा है।

बीजिंग: चीन के एक प्रमुख सरकारी वैज्ञानिक ने शुक्रवार को कहा है कि चीन में  लगभग 80 फीसदी लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके है। ऐसे में उन्होंने यह भी दावा किया है कि आने वाले दो या तीन महीने में कोविड के दूसरे लहर आने की आशंका कम है।

ऐसे में यह भी कहा है कि चीन में चंद्र नववर्ष (Lunar New Year)की छुट्टियों पर भारी तादात में लोग अपने गृह प्रदेश को जाएंगे। इससे चीन के कई इलाकों में कोरोना के केस बढ़ सकते है। लेकिन इससे कोरोना की दूसरी लहर आइगी, इससे चीन ने नकारा है।

आने वाले दिनों में कुछ क्षेत्र में बढ़ सकता है संक्रमण

चीन के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के मुख्य महामारी विज्ञानी वू ज़ून्यौ ने वीबो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा है कि चंद्र नववर्ष पर संक्रमण बढ़ सकता है। वू ज़ून्यौ के अनुसार, जिस तरीके से लोग चंद्र नववर्ष पर अपने परिजनों से मिलने के लिए अपने गृह प्रदेश जाएंगे, इससे चीन के कई इलाकों में कोरोना के संक्रमण के फिर से बढ़ने के आसार है। 

ऐसे में वू ज़ून्यौ ने इस बात से इंकार किया कि चीन में कोरोना की और कोई लहर आ सकती है। आपको बता दें कि चीन ने हाल में कोरोना पाबंदियों में ढील दी है जिस कारण भारी तादात में लोग चंद्र नववर्ष मनाने के लिए अपने घर जा रहे है। इससे महामारी के फिर से फैलने की आशंका बढ़ गई है और चीन के ग्रामीण इलाकों में इससे निपटने के लिए सुविधाएं कम है। 

कोविड के कारण चीन में 60 हजार लोगों की हो चुकी है मौत

मामले में बोलते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग के एक अधिकारी दो दिन पहले कहा था चीन ने फीवर क्लीनिक, इमरजेंसी रूम और गंभीर स्थिति वाले कोविड मरीजों की संख्या के पीक लेवल को पार कर लिया है। वहीं अगर सरकार के आंकड़ों को अगर मानेंगे तो कोविड नियमों में छूट के बाद ही कोरोना के मामलों में असर दिखने लगा था और करीब एक महिने बाद ही 12 जनवरी को कोविड के कारण अस्पताल में 60 हजार लोगों की मौत हो चुकी है। 

वहीं इन आंकड़ों को लेकर कई जानकारों का कहना है कि यह पूरी तरह से सही नहीं है। उनका कहना है कि इन आंकड़ों में वो लोग शामिल नहीं है जिनकी मृत्यु कोरोना के कारण घरों में हुई है। ऐसे में दावा यह भी है कि कई  डॉक्टरों का यह भी कहना है कि उन्हें इन लोगों के मौत के पीछे का कारण कोरोना ही है, यह बताने से भी रोका है।  

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