समस्तीपुरः बिहार में समस्तीपुर जिले के चकौटी गांव से रिश्तों का एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है, जहां भाभी को अपने देवर मनीष कुमार से ही दिल लग गया। इसके बाद दोनों ने सारी हदें पार करनी शुरू कर दी। जब यह बात सार्वजनिक हुई, तो खुशबू का पति राजेश ने हंगामा करने के बजाय बड़ा दिल दिखाते हुए अपनी पत्नी की खुशी के लिए उसे देवर के साथ रहने की अनुमति दे दी। पंचायत की मौजूदगी में रजामंदी बनी और देवर मनीष ने सबके सामने अपनी भाभी की मांग भरकर उसे पत्नी स्वीकार कर लिया। गांव के पूर्व सरपंच और प्रबुद्ध लोगों की उपस्थिति में बुलाई गई इस पंचायत ने 'मियां-बीबी राजी' की तर्ज पर इस रिश्ते को अपनी मंजूरी दी। बताया जाता है कि साल 2018 में राजेश और खुशबू की शादी हुई थी। दोनों खुशी-खुशी अपनी जिंदगी पार कर रहे थे।
इसी बीच भाभी खुशबु का अपने देवर मनीष से आंखे चार हो गई। बात आगे बढती गई। लेकिन पति राजेश ने दोनों की शादी करवा देने का फैसला लिया। इसके बाद अब खुशबू ने अपने देवर के साथ जीने-मरने की कसमें खाईं। समझौते के तहत यह तय हुआ कि महिला के दोनों बच्चे उसके पहले पति राजेश के पास ही रहेंगे।
पंचायत के इस फैसले के बाद नवविवाहित जोड़े को सुरक्षा के लिहाज से गांव से बाहर भेज दिया गया। भले ही परिवार और पति इस शादी के लिए राजी थे, लेकिन गांव के कुछ पड़ोसियों और रिश्तेदारों (गोतिया) को यह फैसला रास नहीं आया। शादी की रस्म पूरी होते ही विरोध की आग भड़क उठी और लाठी-डंडों से लैस भीड़ ने मनीष के घर पर धावा बोल दिया।
इस हमले में मनीष की मां रासो देवी समेत परिवार के पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। आपसी सहमति से सुलझता दिख रहा यह मामला अचानक एक बड़े विवाद और हिंसा में तब्दील हो गया। मारपीट में जख्मी हुए लोगों को तुरंत समस्तीपुर सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां दो लोगों की हालत नाजुक बनी हुई है।
डॉक्टरों के अनुसार घायलों के सिर में गंभीर चोटें आई हैं। वहीं, खानपुर थाना पुलिस ने मामले की संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि उन्हें शादी के वीडियो और हिंसा की जानकारी मिली है। पीड़ित पक्ष की ओर से लिखित आवेदन मिलते ही हमलावरों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।