पटनाः रमजान के पाक महीने के बीच बिहार में एक कथित सर्कुलर ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। दावा किया गया कि मधुबनी मेडिकल कॉलेज की ओर से जारी एक पत्र में लड़का-लड़की के साथ खड़े होने पर पाबंदी लगाई गई है, और उल्लंघन करने पर तुरंत निकाह कराने जैसी सख्त हिदायत दी गई है। यह सर्कुलर जैसे ही वायरल हुआ,हर तरफ हड़कंप मच गया। हालांकि कॉलेज प्रशासन ने इसका खंडन किया है। वायरल हो रहे इस पत्र कॉलेज के लेटरहेड पर जारी बताया जा रहा है और उस पर हस्ताक्षर व मुहर होने का भी दावा किया गया है।
कॉलेज प्रशासन की ओर से इस पत्र का खंडन किया है और इस पत्र को पूर्णत: फर्जी बताया है। कॉलेज प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उनके महाविद्यालय द्वारा इस तरह का कोई पत्र जारी नहीं किया गया है। यह पत्र दुर्भावनापूर्ण उद्देश्य से प्रसारित किया जा रहा हैं। कॉलेज प्रशासन इसकी शिकायत साइबर सेल में दर्ज करा दी है।
इस तरह के फर्जी सामग्री वायरल करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी इसका आश्वासन दिया है। बता दें कि वलीमा इस्लाम में निकाह के बाद दूल्हे के परिवार द्वारा आयोजित की जाने वाली एक विशेष दावत या रिसेप्शन है, जो खुशी और मिलन का प्रतीक है। पत्र कॉलेज के लेटर पैड पर जारी किया गया है।
जिसपर प्रिंसिपल के हस्ताक्षर, मुहर और रजिस्ट्रेशन नंबर भी अंकित है। सर्कुलर प्रिंसिपल के हस्ताक्षर के साथ 25 फरवरी 2026 का है। खास बात यह है कि इसकी कॉपी प्रबंध निदेशक, निदेशक, एमएस/डीएमएस, सभी विभागाध्यक्ष, पीजीटी, इंटर्न और एमबीबीएस छात्रों को भेजी गई है। यह अफवाह सोशल मीडिया पर तेजी से फैली। इसबीच सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर तीखी बहस शुरू हो गई है।
कुछ लोग इसे शिक्षा संस्थानों में बढ़ती नैतिक निगरानी से जोड़ रहे हैं, जबकि अन्य इसे फर्जी पत्र बताकर अफवाह फैलाने की साजिश कह रहे हैं। विवाद बढ़ने के साथ यह मुद्दा राजनीतिक चर्चा का विषय भी बन गया है। विपक्षी दल इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता से जोड़कर सवाल उठा रहे हैं, जबकि कुछ लोग बिना पुष्टि के प्रतिक्रिया देने से बचने की सलाह दे रहे हैं।