LPG Heist in Bhopal Video: मिडिल ईस्ट में संघर्ष की वजह से भारत में एलपीजी की कमी की खबरें आने के बाद से आम जनता परेशानी में आ गई है। नतीजतन कई लोग घरों में एलपीजी सिलेंडर जमा करके रख रहे हैं। मगर एक परिवार के लिए ये जमाखोरी उस वक्त भारी पड़ गई जब उनके घर चोरी हुई। जी हां, मामला मध्य प्रदेश के भोपाल का है। जहां एक रिटायर्ड जज के घर से मोटरसाइकिल पर आए तीन अज्ञात संदिग्धों ने चार LPG सिलेंडर चुरा लिए। यह घटना मंगलवार, 17 मार्च को हुई और घर के पास लगे निजी CCTV कैमरों में कैद हो गई। यह घर एक वरिष्ठ वकील और पूर्व जज का है, जिससे इस चोरी की घटना को एक हाई-प्रोफाइल मामला माना जा रहा है। स्थानीय पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और फिलहाल फुटेज की जांच कर रही है ताकि वाहन और इसमें शामिल संदिग्धों की पहचान की जा सके।
चोरी की यह घटना तब हुई जब घर के सभी लोग सो रहे थे; बताया जा रहा है कि संदिग्धों ने अपनी मोटरसाइकिल को उस जगह के बिल्कुल करीब ले जाकर खड़ा किया था, जहाँ सिलेंडर रखे हुए थे। शिकायतकर्ता के अनुसार, चोर एक ही मोटरसाइकिल पर चार भरे हुए गैस सिलेंडरों को बड़ी कुशलता से संतुलित करके ले जाने में सफल रहे और फिर तेजी से वहां से फरार हो गए। यह अपराध एक ऐसे रोशन रिहायशी इलाके में हुआ जहाँ निजी सुरक्षा गार्ड अक्सर गश्त करते रहते हैं; इस तरह की बेखौफ चोरी की घटना ने स्थानीय निवासियों के बीच चिंता पैदा कर दी है, क्योंकि हाल के दिनों में इस इलाके में छोटी-मोटी चोरियों और घरों में सेंधमारी की घटनाओं में अचानक बढ़ोतरी देखने को मिली है।
CCTV फुटेज की शुरुआती जांच से पता चलता है कि तड़के करीब 3:30 बजे तीन लोग एक तेज रफ्तार मोटरसाइकिल पर वहां पहुंचे थे। एक संदिग्ध मोटरसाइकिल पर ही बैठा रहा और उसने इंजन चालू रखा, जबकि बाकी दो लोग सिलेंडर उठाने के लिए घर के अहाते में घुस गए। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि संदिग्धों ने कुछ ही मिनटों के भीतर उन भारी सिलेंडरों को मोटरसाइकिल पर सफलतापूर्वक लाद लिया।
पुलिस ने इस बात पर गौर किया है कि संदिग्धों को कॉलोनी के नक्शे या बनावट की पूरी जानकारी थी, जिससे यह संकेत मिलता है कि उन्होंने घटना को अंजाम देने से पहले शायद उस इलाके की रेकी (जांच-पड़ताल) की थी।
पुलिस ने 'भारतीय न्याय संहिता' (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत चोरी का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस की कई टीमों को स्थानीय कबाड़ियों और अवैध गैस रिफिलिंग केंद्रों की जांच के लिए भेजा गया है, क्योंकि अक्सर चोरी के सिलेंडर इन्हीं जगहों पर कम दामों में बेच दिए जाते हैं।
एक वरिष्ठ जांच अधिकारी ने बताया, "हम फुटेज में दिखाई दे रही मोटरसाइकिल के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर उसकी तलाश कर रहे हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "हालांकि संदिग्धों ने अपने चेहरे पर मास्क पहन रखे थे, लेकिन उनकी शारीरिक बनावट और मोटरसाइकिल पर बने कुछ खास निशान हमें जांच में अहम सुराग दे रहे हैं।"