लाइव न्यूज़ :

Corona Vaccine India Updates: Covishield Vaccine is best for India|Dr. Ravi Godse

By गुणातीत ओझा | Updated: January 12, 2021 23:37 IST

Open in App
भारत के लिए बेस्ट है कोविशील्ड वैक्सीनडॉ. रवि गोडसे ने क्यों कहा ऐसाभारत में कोरोना वायरस (Coronavirus) के खात्मे के लिए ऑक्सफोर्ड और एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन 'कोविशील्ड' और भारत बॉयोटेक की 'कोवैक्सीन' को इस्तेमाल के लिए मंजूरी दे दी गई है। आज मंगलवार को डॉ. रवि गोडसे ने कोविशील्ड की खासियत के बारे में चौंका देने वाला खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि कोविशील्ड भारत के लिए बेस्ट है। ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन 'कोविशील्ड' शुरुआती नतीजों में 90 फीसदी तक असरदार पाई गई थी। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और ऑक्सफोर्ड ने मिलकर इस वैक्सीन को तैयार किया है। आइये जानते हैं इस वैक्सीन के पहले और दूसरे डोज को लेकर अमेरिका से डॉक्टर रवि गोडसे ने क्या कहा...
टॅग्स :कोरोना वायरस वैक्सीन ट्रायलकोविड-19 इंडियाकोरोना वायरसकोवाक्सिन
Open in App

संबंधित खबरें

स्वास्थ्यकौन हैं डॉ. आरती किनिकर?, सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा में खास उपलब्धि के लिए लोकमत महाराष्ट्रीयन ऑफ द ईयर 2026 पुरस्कार

स्वास्थ्यLMOTY 2026: हजारों मरीजों के लिए आशा की किरण?, डॉ. गौतम भंसाली को 'लोकमत महाराष्ट्रीयन ऑफ द ईयर 2026' पुरस्कार

स्वास्थ्यCOVID-19 infection: रक्त वाहिकाओं 5 साल तक बूढ़ी हो सकती हैं?, रिसर्च में खुलासा, 16 देशों के 2400 लोगों पर अध्ययन

भारत'बादल बम' के बाद अब 'वाटर बम': लेह में बादल फटने से लेकर कोविड वायरस तक चीन पर शंका, अब ब्रह्मपुत्र पर बांध क्या नया हथियार?

स्वास्थ्यसीएम सिद्धरमैया बोले-हृदयाघात से मौतें कोविड टीकाकरण, कर्नाटक विशेषज्ञ पैनल ने कहा-कोई संबंध नहीं, बकवास बात

स्वास्थ्य अधिक खबरें

स्वास्थ्यसन फार्मा ने लॉन्च किया ‘हार्ट के लिए 8- मेकिंग इंडिया हार्ट स्ट्रॉन्ग’ कैंपेन, दिल के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए भारतीयों से रोजाना में अच्छी आदतें अपनाने का आग्रह

स्वास्थ्यऑटिज्म : समझ और स्वीकार्यता की जरूरत

स्वास्थ्यफोर्टिफाइड चावल : पोषण या स्वास्थ्य पर संकट ?

स्वास्थ्यचीनी का सेवन कम कीजिए और खाना बनाते समय तेल का प्रयोग 10 प्रतिशत तक घटाएं?, प्रधानमंत्री मोदी बोले-छोटे प्रयास करिए और मोटापे को दूर भगाएं?

स्वास्थ्यरात में सिर्फ़ 11 मिनट ज़्यादा सोने से हार्ट अटैक का खतरा हो सकता है कम