पिछले दिनों नीति आयोग की बैठक में सीएम गहलोत ने रतलाम-बांसवाड़ा-डूंगरपुर रेल लाइन सहित तीन प्रमुख रेल योजनाओं का मुद्दा उठाया था. पिछली केन्द्र और राज्य की बीजेपी सरकारों की उदासीनता के चलते ये योजनाएं न केवल ठप्प हो गई, बल्कि अब उनकी लागत भी काफी बढ़ ...
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि केवल सहकारी-सरकारी बैंक कर्जमाफी किसानों की समस्या का संपूर्ण समाधान नहीं है. राजस्थान में किसान विषम परिस्थितियों में खेती करते हैं. खाद, पानी, बीज की कमी और रोजमर्रा की जरूरतों के चलते उन्हें सहकारी-सरकारी बैंक के अल ...
राजे ने लिखा- प्रदेश में नई सरकार के 6 माह बीत जाने के बाद भी एमएलए कोटे से होने वाले काम रुके हुए हैं. विधायकों की अनुशंसा के बावजूद वित्तीय स्वीकृतियां जारी नहीं की जा रही हैं. हालात इतने खराब है कि जनता के आक्रोश के चलते मंत्री अपने जिलों में भी न ...
पिछली बीजेपी सरकार पांच साल तक अपने सियासी नजरिए के मद्देनजर साइकिलों के रंग में ही नहीं, विभिन्न योजनाओं, स्कूली पाठ्यक्रमों आदि में भी बदलवा करती रही. अब कांग्रेस सरकार उस बदलाव को भगवा एजेंडा करार दे कर पुनः परिवर्तन कर रही है. ...
राजस्थान में एक बार फिर चुनावी समर में उतरे मोदी सरकार के सभी चारों केंद्रीय मंत्रियों ने शानदार जीत दर्ज की है। इन चार मंत्रियों में बीकानेर सीट से अर्जुनराम मेघवाल, जोधपुर से गजेंद्र सिंह शेखावत, पाली से पीपी चौधरी एवं जयपुर ग्रामीण से राज्यवर्धन स ...
सीएम अशोक गहलोत के पुत्र वैभव गहलोत के कारण जोधपुर, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के पुत्र दुष्यंत सिंह के कारण झालावाड़, तो बीजेपी के दिग्गज नेता रहे जसवंत सिंह के पुत्र मानवेंद्र सिंह के कारण बाड़मेर चर्चाओं में रहे हैं. ...
सीएम अशोक गहलोत ने डेढ़ सौ से भी ज्यादा चुनावी सभाएं की, तो उप-मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने प्रदेश में डेढ़ दर्जन से ज्यादा और प्रदेश से बाहर करीब एक दर्जन चुनावी सभाएं की.पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने करीब ढाई दर्जन सभाएं और करीब एक दर्जन रोड शो, कार ...
झालावाड़-बारां लोकसभा सीट पर बड़ी सतर्कता और सक्रियता के साथ पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने नजर बनाए रखी, तो बाड़मेर में मानवेन्द्र सिंह को घेरने में बीजेपी ने कोई कसर नहीं छोड़ी, लेकिन चुनावी नतीजों में ही यह साफ होगा कि जनता ने किसकी बात मानी. ...