सुशीला कार्की ने 1979 में विराटनगर में एक वकील के रूप में अपना कानूनी करियर शुरू किया और 2009 में सर्वोच्च न्यायालय की न्यायाधीश बनीं। 2016 में नेपाल की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश बनकर इतिहास रच दिया। उत्तर प्रदेश स्थित बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से पढ़ाई की है। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) से स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की। बीएचयू में रहने के दौरान ही सुशीला की मुलाकात अपने जीवनसाथी दुर्गा प्रसाद सुबेदी से हुई थी। सुशीला कार्की ने 1975 में बीएचयू से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर किया था।