समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव ने पार्टी की अनदेखी से नाराज होकर समाजवादी सेकुलर मोर्चे का गठन किया है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव की अध्यक्षता में समाजावादी पार्टी से उपेक्षित लोगों को इस मोर्चे से जोड़ा जाएगा। उन्होंने मुलायम सिंह यादव के भी इससे जुड़ने का दावा किया है। 2017 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान सपा के शीर्ष नेतृत्व में बिखराव देखने को मिला था। जब अखिलेश यादव ने अपने पिता मुलायम सिंह यादव को अध्यक्ष की कुर्सी से हटाकर खुद राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए थे। उन्होंने चाचा शिवपाल यादव की भी अनदेखी की थी। इसके बाद शिवपाल यादव ने नया मोर्चा बनाने का फैसला किया है। Read More
मुलायम सिंह यादव को यूरिन संक्रमण, ब्लड प्रेशर की दिक्कत और सांस लेने में तकलीफ के कारण 2 अक्टूबर 2022 को मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था, तब से ही उनकी हालत नाजुक बनी हुई थी और उनके कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। ...
मुलायम सिंह यादव राजनीति से पहले कुश्ती के अखाड़े में सक्रिय थे। एक ऐसा ही किस्सा है जब उन्होंने अपने कॉलेज के दिनों में एक कवि सम्मेलन में एक पुलिसवाले को मंच से नीचे जमीन पर पटक दिया। ये 1960 की बात है। मुलायम से जुड़ा एक और दिलचस्प किस्सा है जब एक ...
वाराणसी शहर दक्षिणी से भाजपा के पूर्व विधायक श्याम देव राय चौधरी ने मुलायम सिंह को याद करते हुए कहा कि उनके निधन से काशी को बेहद गहरा आघात पहुंचा है। मुलायम जी का विशेष स्नेह काशी पर हमेशा बना रहा। ...
1996 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को करारी हार मिली थी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खाते में 161 सीटें थीं। अटल बिहारी वाजपेयी ने सरकार बनाने का निमंत्रण स्वीकार कर लिया था। वाजपेयी ने प्रधान मंत्री के रूप में शपथ ली, लेकिन उनकी सरकार 13 दिनों में ...
आपको बता दें कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी सिलसिलेवार ट्वीट में मुलायम सिंह यादव को श्रद्धांजलि दी है। उन्होंने ट्वीट में कहा, ‘‘श्री मुलायम सिंह यादव जी जमीन से जुड़े एक ऐसे नेता थे।’’ ...