यूक्रेन सोवियत संघ के विघटन के बाद 1991 में रूस से अलग हुआ था। यूक्रेन के हालांकि बाद के वर्षों में NATO से जुड़ने की कोशिश से रूस असहमति दिखाता रहा है। रूस को लगता है कि यूक्रेन NATO से जुड़ने से उसकी सुरक्षा हमेशा खतरे में रहगी। रूस का मानना है कि अमेरिका सहित नाटो के अन्य सदस्य देशों की सेनाएं उसकी सीमा के बेहद करीब आ जाएंगी और वह एक तरह से चारों ओर से घिर जाएगा। इसी के खिलाफ रूस कदम उठाने की बात कर रहा है और यूक्रेन पर कार्रवाई की बात कर रहा है। Read More
रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध जारी है। इस बीच इस साल नवंबर में जी20 शिखर सम्मेलन का आयोजन इंडोनेशिया में होना है। ऐसे में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन जी20 शिखर सम्मेलन में अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकते हैं। इसी क्रम में जी-20 शिखर सम्मेलन में पुतिन क ...
कीव: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने करीब एक महीने पहले टेलीविजन पर आकर यूक्रेन के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का ऐलान किया। साथ ही उन्होंने पश्चिमी सहित अन्य देशों को भी आगाह किया कि अगर रूस - यूक्रेन के बीच कोई आता है तो उसे भी गंभीर परिणाम भुगतने हो ...
रूस द्वारा लाया गया यह मसौदा प्रस्ताव सीरिया, उत्तर कोरिया और बेलारूस द्वारा सहप्रायोजित किया गया था। यूएनएससी में यह प्रस्ताव पास नहीं हो सका क्योंकि उसे इसके लिए आवश्यक नौ वोट नहीं मिल सके। ...
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के करीबी और रूस के जलवायु मामलों के राजदूत एनाटोली चुबैस ने युद्ध के विरोध में अपने पद से इस्तीफे के साथ देश भी छोड़ दिया है। ...
व्हाइट हाउस ने एक 'टाइगर टीम' तैयार की है जो युद्ध में यूक्रेन के खिलाफ रूस के उठाए जा रहे कदम पर नजर रख रही है। रूस अगर परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करता है तो अमेरिका को क्या करना चाहिए, इस पर भी टाइगर टीम गौर करेगी। ...
यूक्रेन आक्रमण के बीच क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने मंगलवार को कहा कि यूक्रेन संघर्ष के संदर्भ में रूस परमाणु हथियारों का उपयोग तभी करेगा जब वह "अस्तित्व के खतरे" का सामना कर रहा हो। ...
जापानी प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने अगले पांच साल में भारत में 42 बिलियन डॉलर की पूंजी लगाने की घोषणा की और छह मुद्दों पर समझौते भी किए लेकिन वे भारत को रूस के विरुद्ध बोलने के लिए मजबूर नहीं कर सके. ...