भारतीय लोकतंत्र को सबसे निचले स्तर तक पहुँचाने की व्यवस्था पंचायती राज कही जाती है। इसके माध्यम से भारत के सभी गाँवों में लोकतांत्रिक ढंग से चुनाव कराये जाते हैं। भारत के सम्विधान में किये गये ७३वें संशोधन द्वारा पंचायती राज अमल में लाया गया। इस मकसद से भारत सरकार ने पंचायती राज मंत्रालय की स्थापना की है जिसके अंतर्गत सभी ग्राम सभाओं में चुनाव कराये जाते हैं। ग्राम पंचायतों को विकास के लिए बजट भी आवंटित किया जाता है। Read More
हाईकोर्ट को यह बताने के क्रम में ही राज्य निर्वाचन आयोग सूबे में चल रहे मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (एसआईआर) के चल रहे अभियान और 22 मई से शुरू होने वाले जनगणना कार्यक्रम में कर्मचारियों के व्यस्त होने का हवाला देकर पंचायत चुनाव कराने के लिए समय बढ़ ...
यह फैसला गुरुवार को बारामती में एक दुर्भाग्यपूर्ण विमान दुर्घटना में उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की मौत के बाद महाराष्ट्र में घोषित तीन दिन के शोक को देखते हुए लिया गया है। ...
कार्यक्रम उच्चतम न्यायालय द्वारा स्थानीय निकाय चुनावों के लिए मतदान प्रक्रिया पूरी करने की 31 जनवरी की समय सीमा को दो सप्ताह तक बढ़ाने के एक दिन बाद घोषित किया गया। ...
अब राज्य में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव टलने के संकेत मिल रहे हैं. इसका मुख्य कारण अभी तक सूबे में अभी तक समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन न होना है. जिसके चलते पंचायतों में आरक्षण की प्रक्रिया भी तय नहीं हो पा रही है. ...
Himachal Pradesh Panchayat and Municipal Elections: पंचायती राज संस्थाओं का पांच वर्षीय कार्यकाल 31 जनवरी 2026 को समाप्त हो रहा है, जबकि 50 नगर निकायों का कार्यकाल 18 जनवरी 2026 को खत्म होगा। ...
Kerala Local Body Elections: राज्य चुनाव आयोग के शुरुआती रुझानों से पता चलता है कि केरल के विभिन्न स्थानीय निकायों के वार्डों में एलडीएफ, यूडीएफ और एनडीए आगे चल रहे हैं। ...
Maharashtra Local Body Elections 2025: क्या जीत का यह सिलसिला जमीनी स्तर के शासन पर भी जारी रहेगा या विपक्षी एकजुटता नगरपालिका स्तर पर सत्तारूढ़ गठबंधन के प्रभुत्व को चुनौती दे सकती है। ...