महाराष्ट्र के पालघर जिले में 16 अप्रैल की रात तीन लोगों की भीड़ द्वारा पीट-पीट कर हत्या कर दी गई थी। मॉब लिंचिंग की इस घटना ने एक बार फिर पूरे देश को दहला दिया है। तीन मृतक में से दो लोग लोग साधु बताये जा रहे हैं। इस लिहाज से यह विवाद और गहरा गया है। दरअसल तीनों व्यक्ति मुंबई के कांदीवली से कार में सवार होकर गुजरात के सूरत जा रहे थे। इसी दौरान, पालघर जिले में भीड़ ने इन्हें चोर समझकर उनके वाहन को रोक लिया और उनकी पीट-पीट कर हत्या कर दी। Read More
राकांपा प्रमुख शरद पवार ने कहा कि पालघर में जो कुछ भी हुआ नहीं होना चाहिए था। ये बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। पुलिस ने इस मामले पर तेजी से कार्रवाई की और एक ही रात में घटना में शामिल 100 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया। आगे की जांच चल रही है। ...
महाराष्ट्र के पालघर में मॉब लिंचिंग की घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। एक सुर में लोग इन हत्याओं की निंदा कर रहे हैं। इसके बावजूद साधुओं निर्मम हत्या ने राजनीतिक रंग लेना शुरू कर दिया है। लेकिन महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे लगातार इस ब ...
Palghar mob lynching Case: 16 अप्रैल की रात तीन व्यक्ति (दो साधु और एक ड्राइवर) मुंबई के कांदीवली से कार में सवार होकर गुजरात के सूरत जा रहे थे। इसी दौरान, पालघर जिले में भीड़ ने इन्हें चोर समझकर उनके वाहन को रोक लिया और उनकी पीट-पीट कर हत्या कर दी। ...
पालघर में साधुओं की हत्या के बाद संतों ने रोष प्रकट किया. सोशल मीडिया पर उन लोगों से सवाल पूछे जा रहे हैं जो इससे पहले की कई घटनाओं जैसे कि तबरेज अंसारी की लिंचिग की घटना के वक्त अभियान चलाया करते थे. सवाल पूछने वाले आम लोगों से लेकर पत्रकार तक हैं. ...
महाराष्ट्र के पालघर जिले में लॉकडाउन के दौरान तीन लोगों की पीट-पीटकर हत्या के बाद तेरा-मेरा शुरू हो गया है. पहले साप्रदायिक रंग देने की कोशिशें हुई जिसमें पानी डालने के लिए सीएम उद्धव ठाकरे दिन रात एक कर रहे है. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ...
महाराष्ट्र के पालघर को लेकर देश भर में राजनीति तेज हो गई है। हर दल एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। ऐसा लग रहा है कि सभी दल को कोई मुद्दा मिल गया है। हालांकि देश भर के लोगों ने कहा न्याय मिलना चाहिए। ...
इस घटना की सामाजिक कार्यकर्ताओं और धार्मिक संगठनों ने भी निंदा की है। यह घटना कासा पुलिस थाना क्षेत्र में दाभाड़ी-खनवेल मार्ग पर गढ़चिंचले गांव के पास हुई थी। ...
देश भर में सीवर सफाई कर्मचारियों की हालत बहुत ही दयनीय है। हमेशा सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई करते इन मजदूरों की जान चली जाती है। कोई खोज खबर नहीं लेने वाला है। ...