पाकिस्तान एक मुस्लिम बहुल राष्ट्र है जो 1947 में भारत से टूटकर बना था। पाकिस्तान के राष्ट्रपिता मोहम्मद अली जिन्ना माने जाते हैं। पाकिस्तान ने लोकतांत्रिक शासन प्रणाली अपनाई हुई है लेकिन वहां की राजनीति में सेना का दखल ज्यादा होता है। 1972 में पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) ने बगावत की और एक अलग मुल्क बन गया। इस तरह पाकिस्तान के दो टुकड़े हो गए। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पीएमएल-एन नेता नवाज शरीफ भ्रष्टाचार के आरोप में सजा का काट रहे हैं। 2018 के आम चुनाव में इमरान खान की तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी और गठबंधन की सरकार बनना लगभग तय है। Read More
ऐसे में, मौजूदा निर्देश ये है कि जब भी संभव हो और सीमा में हों तो उन्हें निशाना बनाया जाए और नीचे गिराया जाए।” अधिकारी ने कहा कि ड्रोन देखे जाने के कुछ मामले पूर्व में गुजरात सीमा में भी सामने आए थे। ...
नोटबंदी को पर दिए गए पीएम मोदी के बयान को याद करते हुए सिब्बल ने कहा, 'नोटबंदी के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि मुझे 50 दिन दें और सब कुछ ठीक हो जाएगा। कोई आतंकवाद नहीं होगा, कोई काला धन और कोई नकली मुद्रा नहीं होगी। क्या ऐसा हुआ? ...
13 जनवरी, 1948 को विभाजन की त्रासदी से उपजे साम्प्रदायिक उन्माद के खिलाफ कलकत्ता में आमरण अनशन शुरू किया था। इसमें हजारों लोग शामिल हुए, जिनमें हिंदू और सिख बड़ी तादाद में थे और पाकिस्तान से आये बहुत से शरणार्थी भी इसमें शामिल हुए थे। ...
उल्लेखनीय है कि शनिवार को संवाददाता सम्मेलन में सेना प्रमुख ने कहा था, ‘‘जहां तक पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर की बात है तो पूरा जम्मू-कश्मीर भारत का हिस्सा होने संबंधी संसद का कई साल पुराना प्रस्ताव है। ...
कश्मीर के हालात को लेकर पाक दुष्प्रचार बेनकाब हुआ और शिष्टमंडल ने भी देखा कि हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं. निश्चित तौर पर इस दौरे में भारत इन विदेशी राजनयिकों के समक्ष इस पहलू को रख सका है और उम्मीद की जानी चाहिए कि ये राजनयिक अपने देशों में दौ ...
अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार को पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर कुली सहित दो लोगों की हत्या कर दी गई थी. मोहम्मद असलम (28) के शरीर को क्षत विक्षत कर दिया गया और उनका सिर भी नहीं है. ...
आधिकारिक आंकड़ों में बताया गया है कि जम्मू कश्मीर में सीमा पर 50 हजार लोगों को संघर्ष विराम उल्लंघन के कारण सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया। इनमें से करीब छ हजार रिलीफ कैंपों में रहे जबकि बाकी के अपने रिश्तेदारों के घर। जबकि 2017 में बार्डर पर 971 बार सी ...
एलओसी पर बार्डर रेडर्स के हमले कोई नए नहीं हैं। इन हमलों के पीछे का मकसद हमेशा ही भातीय सीमा चौकिओं पर कब्जा जमाना रहा है। पाक सेना की कोशिश कोई नई नहीं है। करगिल युद्ध की समाप्ति के बाद हार से बौखलाई पाक सेना ने बार्डर रेडर्स टीम का गठन कर एलओसी पर ...