लद्दाख एक ऊंचा पठार है जिसका अधिकतर हिस्सा 3,500 मीटर (9,800 फीट) से ऊंचा है। यह हिमालय और कराकोरम पर्वत श्रृंखला और सिन्धु नदी की ऊपरी घाटी में फैला है। करीब 33,554 वर्गमील में फैले लद्दाख में बसने लायक जगह बेहद कम है। यहां हर ओर ऊंचे-ऊंचे विशालकाय पथरीले पहाड़ और मैदान हैं। यहां के सभी धर्मों के लोगों की जनसंख्या मिलाकर 2,36,539 है। लद्दाख के पूर्वी हिस्से में लेह के आसपास रहने वाले निवासी मुख्यतः तिब्बती, बौद्ध और भारतीय हिन्दू हैं, लेकिन पश्चिम में करगिल के आसपास जनसंख्या मुख्यतः भारतीय शिया मुस्लिमों की है। तिब्बत पर कब्जे के दौरान बहुत से तिब्बती यहां आकर बस गए थे। लद्दाख को चीन, तिब्बत का हिस्सा मानता है। सिन्धु नदी लद्दाख से निकलकर ही पाकिस्तान के कराची तक बहती है। प्राचीनकाल में लद्दाख कई अहम व्यापारिक रास्तों का प्रमुख केंद्र था। Read More
बताया जाता है कि लद्दाख के हालात को सही तरीके से हैंडल न कर पाने से गृह मंत्रालय उनसे नाराज था। जानकारी के लिए गुप्ता ने 18 जुलाई, 2025 को शपथ ली थी, और वे केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के तीसरे उप राज्यपाल बने थे। ...
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी है। उनके करियर की यह उपलब्धि उनके गांव और जिले के लिए गर्व का विषय बन गई है। मुकेश सिंह के डीजीपी बनते ही गांव में उल्लास का माहौल कायम हो गया और ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया। ...
Jammu and Kashmir:जो इंडियन इलेक्ट्रिसिटी ग्रिड कोड बैंड यानी क्रमशः 380 केवीए और 198 केवीए से काफी कम है, ऐसा कम हाइड्रो जेनरेशन और आईएसटीएस नोड्स से भारी एमवीएआर ड्रॉ के कारण है। ...
बताया जाता है कि इन रोबोट सैनिकों को तैनात करने की जरूरत चीनी सेना को उस समय महसूस हुई जब भयानक सर्दी और मौसम की विपरीत परिस्थितियों के बीच लाल सेना को अपने जवानों के मनोबल को बनाए रखने में दिक्कत आई। ...