पाकिस्तान में सिख धर्म के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में से एक करतारपुर साहिब करतारपुर, जिला नारोवल, पाकिस्तान में स्थित है। यह वही स्थान हैं जहां 22 सितंबर 1539 को सिख धर्म के संस्थापक श्री गुरु नानक देव जी ज्योति ज्योत (उनका निधन हुआ था) समाए थे। सिखों की इस धार्मिक स्थल से बेहद आस्था जुड़ी है।सिखों द्वारा गुरु नानक देव जी से जुड़े धार्मिक स्थल करतारपुर साहिब को भारतीय सिखों के लिए खोल देने की मांग की जा रही थी। पाकिस्तान ने इस कॉरिडोर को मंजूरी दे दी है। Read More
Sushma Swaraj Reaction on Kartarpur Sahib Corridor: सुषमा स्वराज ने हैदराबाद में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार के बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए पाकिस्तान को पहले आतंकवाद पर रोक लगाना होगा। ...
इस्लामाबाद : पाकिस्तान सरकार करतारपुर में रेलवे स्टेशन और देशभर में सिख धार्मिक स्थलों के निकट श्रद्धालुओं के लिये ठहरने की जगह के निर्माण के लिये जमीन उपलब्ध कराएगी. रेलवे मंत्री शेख राशिद अहमद ने कहा है कि सरकार करतारपुर, ननकाना साहिब तथा नरोवाल मे ...
प्रधानमंत्री इमरान खान बुधवार को गलियारे की आधारशिला रखेंगे।सिद्धू ने इस गलियारे को संभव बनाने के लिए खान को धन्यवाद दिया और कहा कि इससे दोनों देशों के बीच शांति को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।उन्होंने कहा, ‘‘इससे दोनों देशों के बीच शत्रुता मिटेगी।’’ ...
पाकिस्तानी विदेश कार्यालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने मंगलवार को कहा कि करतारपुर गलियारे के छह महीने में पूरा होने की उम्मीद है। यह कदम अगले साल गुरु नानक जी की 550वीं जयंती से पहले उठाया गया है। ...
पंजाब स्थित अटारी-वाघा सीमा को पार कर पाकिस्तान की सीमा में दाखिल हुए। आपको बता दें कि सिद्धू को पाकिस्तान के विदेश शाह महमूद कुरैशी ने शिलान्यास में शामिल होने का न्योता भेजा था। ...
सिद्धू ने न्यूज़ 18 से बात करते हुए कहा, 'करतारपुर कॉरिडोर का असली श्रेय इमरान खान को जाता है। जिन्होंने इसके निर्माण के लिए कई सालों तक प्रार्थनाएं की। इस शख्स ने पाकिस्तान के प्रधान मंत्री की कुर्सी के लिए 24 साल का संघर्ष किया है'। ...
Kartarpur Sahib Gurdwara History, Unknown facts, Kartarpur Corridor: सिख इतिहास के मुताबिक जीवनभर का ज्ञान बटोरने के बाद गुरु नानक करतारपुर के इसी स्थान पर आए और जीवन के अंतिम 18 वर्ष उन्होंने यहीं बिताए ...