कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया। 17 दिसंबर 2019 को वह मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा से 9 बार सांसद रहे कमलनाथ केंद्र सरकार में कई पद पर रह चुके हैं। 1946 को जन्मे कमलनाथ कांग्रेस के दिग्गज नेता हैं। 2018 में उन्हें मध्य प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया था। Read More
वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया आज सोनिया गांधी से मिलने वाले थे। लेकिन महाराष्ट्र चुनाव को लेकर बैठक स्थगित कर दी गई है। ज्योतिरादित्य सिंधिया आगामी महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के लिए स्क्रीनिंग कमेटी के अध्यक्ष हैं। ...
सिख विरोधी दंगों से जुड़े सात मामले 1984 में वसंत विहार, सन लाइट कालोनी, कल्याणपुरी, संसद मार्ग, कनॉट प्लेस, पटेल नगर और शाहदरा पुलिस थानों में दर्ज किये गए थे। एसआईटी ने व्यक्तियों और संगठनों से इन सात मामलों से जुड़ी सूचनाएं उपलब्ध कराने के लिये सा ...
ग्वालियर-चंबल इलाके के सिंधिया के कुछ समर्थक खुलकर उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाने की मांग को लेकर सड़कों पर आकर पिछले कुछ दिनों से प्रदर्शन करने लगे हैं। उनका कहना है कि यदि उनकी यह मांग आलाकमान द्वारा नहीं मानी गई, तो वे पार्टी से इस्तीफा दे देंगे। ...
मध्य प्रदेशः भारतीय जनता पार्टी के जो नेता लगातार परिवारवाद को बढ़ावा देने के लिए कांग्रेस को कोसते रहे, वे आज अपने पुत्रों की राजनीतिक लांचिंग के लिए जोड़-तोड़ में जुट गए हैं. ...
मंत्री डॉ. गोविंद सिंह ने कहा कि भाजपा की सरकार में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के नेतृत्व में पूरे मध्य प्रदेश की इस प्रकार लूट की गई है, जिस प्रकार मोहम्मद गजनवी ने की थी। कोई विभाग नहीं बचा, जिसे लूटा न गया हो। आज प्रदेश कर्ज के गर्त में है, ...
दिग्विजय सिंह ने कहा, 'यह पूरा मामला बीजेपी आईटी सेल के सदस्य ध्रुव सक्सेना और बजरंग दल के बलराम सिंह के ISI से पैसे लेते हुए पकड़े जाने के बाद शुरू हुआ। उस वक्त की एमपी सरकार ने ना ही उन्हें एनएसए के तहत आरोपी बनाया और ना ही कोई कड़ा एक्शन लिया। अब ...
पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम फिलहाल तिहाड़ जेल में हैं तो वहीं डीके शिवकुमार को ईडी ने हिरासत में ले लिया है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के भतीजे रतुल पुरी भी ईडी की हिरासत में हैं और सोनिया गांधी के निजी सविच रहे अहमद पटेल के बेटे फ ...
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने सत्ता में आने से पहले दिए गए वचन पत्र में प्रदेश के अतिथि शिक्षकों को नियमित करने का वादा किया था. कांग्रेस ने कहा था कि सत्ता में आने के तीन महीने के भीतर शिक्षकों को नियमित कर दिया जाएगा. ...