ज्योतिरादित्य माधवराव सिंधिया भारतीय राजनेता हैं। मोदी सरकार में नागर विमानन मंत्री हैं। इससे पहले वह 18 सालों तक में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेता थे। ज्योतिरादित्य सिंधिया 15वीं लोकसभा के मंत्रिमंडल में वाणिज्य और उद्योग राज्यमंत्री भी रहे थे। उनका जन्म 1 जनवरी 1971 को हुआ था। इनका संबंध सिंधिया राजघराने से है। इनके पिता स्व. माधवराव सिंधिया भी गुना से कांग्रेस के विजयी उम्मीदवार रहे हैं। Read More
गुना संसदीय क्षेत्र के सांसद डा. के.पी.यादव और उनके बेटे सार्थक यादव पर गलत तरीके से जाति प्रमाण पत्र बनवाने के मामले मेंं अशोकनगर कोतवाली पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है. पुलिस ने दोनों के खिलाफ धारा 420, 120 बी, 181 एवं 182 के तहत मामला दर्ज किया है. ...
मध्यप्रदेश के गुना संसदीय क्षेत्र से भाजपा के सांसद रहे डा. के.पी.यादव और उनके बेटे पर पुलिस ने गलत तरीके से जाति प्रमाण पत्र बनवाने को लेकर एफआईआर दर्ज की है. सांसद और उनके बेटे के खिलाफ गुना जिले के अशोक नगर कोतवाली थाने में धारा 420, 120 बी, 181 ए ...
यादव ने लोकसभा चुनाव में गुना सीट से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया को पराजित किया था। यादव और उनके बेटे के खिलाफ अशोकनगर के कोतवाली थाने में शनिवार रात लगभग साढ़े ग्यारह बजे यह मामला दर्ज किया गया। ...
नागरिकता संशोधन बिल के तहत पड़ोसी देशों से शरण के लिए भारत आए हिंदू, जैन, बौद्ध, सिख, पारसी और ईसाई समुदाय के लोगों को भारतीय नागरिकता देने का प्रावधान है। ...
ज्योतिरादित्य सिंधिया इस साल लोकसभा चुनाव में अपनी परंपरागत सीट गुना से हार गये थे। उसके बाद से राजनीतिक गलियारों में अफवाहें चल रही थीं कि वह कांग्रेस से नाराज हैं। ...
महाराष्ट्र में कांग्रेस द्वारा शिवसेना के साथ नई सरकार बनाने के सवाल पर सिंधिया ने कहा, ‘‘वहां पर तीनों दलों ने मिलकर महाराष्ट्र के विकास और प्रगति के लिए सरकार बनाई है। उन्हें पूरा विश्वास है कि ठाकरे, एनसीपी और कांग्रेस मिलकर महाऱाष्ट्र में एक नया ...
ज्योतिरादित्य सिंधिया के करीबी माने जाने वाले प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी ने कहा कि राठखेड़ा की टिप्पणियां उनके निजी विचार हैं। उन्होंने कहा, ‘‘सिंधिंया ने कई बार स्पष्ट किया है कि वह कांग्रेस में हैं। विधायक के विचार एक काल्पनिक स्थिति प ...
ज्योतिरादित्य सिंधिया को यह अहसास हो चला है कि अगले साल वह राज्यसभा में स्थान हासिल नहीं कर पाएंगे और राज्य की राजनीति में भी उनकी अहम भूमिका नहीं रहने वाली है ...