15 अगस्त 1947, वह दिन था जब भारत को ब्रिटिश राज से आज़ादी मिली और इस प्रकार एक नए युग की शुरुआत हुई जब भारत के मुक्त राष्ट्र के रूप में उठा। स्वतंत्रता दिवस के दिन दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र, भारत के जन्म का आयोजन किया जाता है और भारतीय इतिहास में इस दिन का अत्यंत महत्व है। यह दिन हमारी आज़ादी का जश्न मनाने और उस सभी शहीदों को श्रद्धांजलि देने का अवसर होता है जिन्होंने इस महान कारण के लिए अपने जीवन का बलिदान कर दिया। Read More
जदयू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लगातार 10वीं बार लाल किले से झंडा फहराने की उपलब्धि पर तंज कसते हुए कहा कि वो लाल किले पर आखिरी बार तिरंगा फहराएंगे। ...
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को 77वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से लगातार दसवीं बार तिरंगा ध्वज फहराएंगे और फिर देश को संबोधित करेंगे। देश के प्रधानमंत्री के तौर पर लाल किले से सबसे ज्यादा 17 बार तिरंगा पंडित जवाहरलाल नेह ...
देश आजादी के अमृतकाल में प्रवेश कर चुका है। ऐसे में यह जरूरी है कि इस देश के निवासी विभाजन की विभीषिका को समझें ताकि विभाजनकालीन इतिहास और परिस्थिति के प्रति सतर्क एवं जागरूक रहें। ...
लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस समारोह के एक भाग के रूप में देश भर से विभिन्न व्यवसायों के लगभग 1,800 लोगों को उनके जीवनसाथी के साथ विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। ...
जरा सोचिए कि यदि हिंदुस्तान का बच्चा-बच्चा उठ खड़ा होता तो क्या किसी गजनी, किसी तैमूर या किसी नादिर की औकात होती कि वह सोने की चिड़िया को लहूलुहान करके जाता? हजारों-हजार लोगों का कत्लेआम करके जाता? या फिर ईस्ट इंडिया कंपनी हम पर कब्जा कर लेती और हम ब ...