एच-1 बी वीजा गैर आव्रजक वीजा है जो अमेरिकी कंपनियों को खासतौर से तकनीकी विशेषज्ञता वाले पेशों में विदेशी कर्मियों को नौकरी देने की अनुमति देता है। आईटी कंपनियां इस आधार पर हर साल भारत और चीन जैसे देशों से हजारों कर्मियों को नौकरी देती हैं। ...
एच-1बी कार्यक्रम अमेरिकी कंपनियों को विदेशी कामगारों को उन पेशों में अस्थायी नौकरी देने की अनुमति देता है जिसके लिए अतिविशिष्ट ज्ञान और किसी खास क्षेत्र में स्नातक या उच्च डिग्री की जरूरत पड़ती है। ...
H-1B वीजा धोखाधड़ी के मामले में दो आईटी कंपनियों में काम करने वाले चार भारतीय अमेरिकियों को गिरफ्तार किया गया है। इनपर एच1बी वीजा का गलत इस्तेमाल कर अपने प्रतिद्वंद्वियों पर अनुचित लाभ लेने का प्रयास करने का आरोप है। अमेरिकी अटॉर्नी ने बताया कि एच1बी ...
दूरसंचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय पहले ही फेक न्यूज और अन्य नियमों के तहत इन कंपनियों को एतियाती सलाह जारी करता रहा है. विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव रवीश कुमार ने हालांकि अमेरिका की ओर से एच1बी वीजा को लेकर किसी भी तरह की कोई वार्ता होने से इ ...
अकोस्टा ने संसद (कांग्रेस) की समिति के समक्ष एक अक्टूबर 2019 से शुरू हो रहे वित्तीय वर्ष 2020 के लिए श्रम मंत्रालय का वार्षिक बजट पेश करते हुए एच-1 बी आवेदन शुल्क में कितनी बढ़ोत्तरी होगी इसका ब्यौरा नहीं दिया और यह भी नहीं बताया कि किन श्रेणियों के ...
अमेरिकी नागरिकता और आव्रजन सेवा (यूएससीआईएस) की एच-1बी पेटिशन्स बाई जेंडर ऐंड कंट्री ऑफ बर्थ फिस्कल इयर 2018 रिपोर्ट के मुताबिक, 5 अक्तूबर तक अमेरिका में एच-1बी वीजा रखने वालों की संख्या 4,19,637 थी. इनमें से 3,09,986 भारतीय मूल के नागरिक हैं. ...
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने यह टिप्पणी ऐसे समय में की गयी है जब अमेरिका ने कहा है कि वह जनवरी से एच-1बी वीजा के अंतर्गत रोजगार और विशेषज्ञता वाले पेशों की परिभाषा में संशोधन के बारे में सोच रहा है। ...
US ग्रीन कार्ड के इंतज़ार में देश के तीन लाख से ज्यादा नागरिक बैठे हुए हैं. यह कुल संख्या की तीन चौथाई है| सबसे ज्यादा चौकाने वाली खबर यह है कि इस भीड़ में पाकिस्तान का एक भी नागरिक शामिल नहीं है. ...