आनंद मोहन सिंह बिहार के एक रसूखदार राजनीतिक परिवार से आते हैं। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राम बहादुर सिंह तोमर आनंद मोहन के दादा थे। उनका जन्म 28 जनवरी 1954 को हुआ था। बिहार के सहरसा जिले के पचगछिया गांव से आने वाले आनंद मोहन ने इमरेजेंसी के दौरान कॉलेज की पढ़ाई छोड़ दी और महज 17 साल की उम्र में राजनीति के मैदान में कूद पड़े। Read More
यह तो सत्ता के लिए राजनीतिक नीचता की हद है! एक युवा कलेक्टर को मार डालने वाली भीड़ के नेता आनंद मोहन को रिहा करने के लिए जेल के मैन्यूअल बदल दिए गए! मुझे लगता है कि नई पीढ़ी के युवा राजनेताओं को अपराध की ऐसी गंदी राजनीति का विरोध करना चाहिए चाहे वे क ...
‘फाउंडेशन फोर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स’ के संस्थापक जयप्रकाश नारायण ने कहा कि एक जिलाधिकारी की जब पीट-पीट कर हत्या कर दी जाती है तो एक राज्य के रूप में आप क्या संदेश देते हैं? आप कुछ भी दलील देते रहिए लेकिन जब आप ऐसा करते हैं तो अपनी साख और विश्वसनीयता ...
बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने कहा है कि बिहार में लोकसेवक (आईएएस के हत्यारे को नहीं छोड़ने का प्रावधान) के मामले को खत्म कर दिया गया तो क्या दिक्कत है? आप जरा बताइये कि कोई भिन्नता होना चाहिये? ...
शनिवार को दिवंगत आईएएस अधिकारी जी कृष्णय्या की पत्नी उमा कृष्णैया ने बिहार के राजनेता आनंद मोहन सिंह की जेल से समय से पहले रिहाई को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। ...
सहरसा सदर थाने के थानाध्यक्ष सूर्यकांत चौबे ने दो कैदियों रोशन कुमार सिंह और सुमित कुमार के जख्मी होने की पुष्टि करते हुए कहा था कि घायल कैदियों ने पुलिस को दिए बयान में आनंद मोहन पर पिटाई करने का आरोप लगाया था। ...
बिहार में आनंद मोहन की रिहाई पर माले के विधायक सतेंद्र यादव ने कहा है कि नीतीश कुमार ने जिस तरह से एक खास व्यक्ति के लिए सरकारी नियम बदले, उससे पिछड़ों, अति पिछड़ों और अकलियतों में गलत मैसेज गया है। ...
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि नीतीश कुमार पूरे देश में विपक्षी एकता के नाम पर घुम रहे हैं और खुद को प्रधानमंत्री उम्मीदवार बता रहे हैं। आप 2024 में दलित समुदाय को बोलेंगे कि आपने एक दलित अफसर की हत्या करने वाले व्यक्ति को छोड़ दिया। ...