यह बजट एक ऐसे समय में लाया गया है जब अफगानिस्तान आर्थिक संकट के साथ मानवीय त्रासदी का सामना कर रहा है जिसमें संयु्क्त राष्ट्र ने भूख का हिमस्खलन कहा है। ...
तालिबान के द्वारा सत्ता हथियाने के बाद से इस देश की आर्थिक स्थिति और कमजोर होती जा रही है। तालिबान सरकार के पास अब अपने सरकारी कर्मचारियों को वेतन देने के लिए भी पैसा नहीं बचा है। ...
नागरिकों के हताहत होने की 1,300 से अधिक रिपोर्टों को कवर करने वाले गोपनीय दस्तावेजों का एक संग्रह लक्षित बमों से लड़े गए युद्ध को लेकर सरकार की रणनीति को रेखांकित करता है। ...
साल 2021 में भी दुनिया कोरोना से जूझती रही। वैक्सीन के आने से जरूर दुनिया को राहत मिली पर भारत में कोरोना की दूसरी लहर और ओमीक्रोन के मामलों ने बताया कि वायरस से जंग अभी आगे भी जारी रहने वाली है। ...
अफगानिस्तान की तालिबान के साथ ही म्यांमार में तख्तापलट कर नोबेल शांति पुरस्कार विजेता आंग सान सू की और उनकी पार्टी के सदस्यों को जेल भेजकर अपना शासन स्थापित करने वाली सेना जुंटा को संयुक्त राष्ट्र ने प्रतिनिधित्व नहीं दिया। ...
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अफगानिस्तान में दोबारा दूतावास शुरू करने का तालिबान को मान्यता से कोई लेना-देना नहीं है। इसका सीधा सा मतलब है कि आप चाहते हैं कि लोग जमीन पर नई व्यवस्था से निपटें, लोगों के साथ जुड़ाव जारी रखें। ...
अफगान मीडिया को जारी किए गए अपने पहले निर्देश में तालिबान के सदाचार को बढ़ावा और बुराई पर रोक के मंत्रालय ने महिला टेलीविजन पत्रकारों से अपनी रिपोर्ट पेश करते समय इस्लामी हिजाब पहनने का भी आह्वान किया। ...