अमेरिका और तालिबान के बीच हुए समझौते के बाद यह सबसे बड़ा हमला है। इस हमले ने अफगानिस्तान की राजधानी के बेहद कड़ी सुरक्षा वाले इलाके में सुरक्षा की कमी को उजागर किया है वह भी तब जब 29 फरवरी को अमेरिका और तालिबान के बीच हुए समझौते के मुताबिक 14 महीनों ...
प्रांतीय काउंसिल के सदस्य सैफुल्लाह अमीरी ने बताया, “तालिबान के लड़ाकों ने कल रात कुंदुज के इमाम साहिब जिले में सेना की कम से कम तीन चौकियों पर हमला किया। इसमें कम से कम 10 सैनिकों और चार पुलिसकर्मियों की मौत हो गई है।” ...
प्रांतीय काउंसिल के सदस्य सैफुल्लाह अमीरी ने बताया, “ तालिबान के लड़ाकों ने कल रात कुंदुज जिले के इमाम साहिब जिले में सेना की कम से कम तीन चौकियों पर हमला किया। इसमें कम से कम 10 सैनिकों और चार पुलिस कर्मियों की मौत हो गई है।” ...
आंशिक संघर्ष विराम की घोषणा चरमपंथियों और वाशिंगटन के बीच समझौते पर दस्तखत होने से पहले की गई थी। तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा, “हिंसा में कटौती...अब खत्म हो गयी है और हमारा अभियान सामान्य रूप से जारी रहेगा।” ...
देशभर में अब महिलाओं की आजादी पर फिर आतंकवादियों का खौफ गहराने लगा है। वे हिंसा खत्म होते देखने के लिए बेसब्र तो है लेकिन उन्हें इसके लिए भारी कीमत चुकाने का डर है। तालिबान के शासन में महिलाओं को तालीम हासिल करने या काम करने से रोक दिया गया। ...
तालिबान के साथ हुए समझौते के मुताबिक अमेरिका अफगानिस्तान में अपने सैनिकों की संख्या घटाकर 8,600 करने के लिये प्रतिबद्ध है, लेकिन अधिकारियों ने कहा कि अगर अफगान पक्ष किसी समझौते पर पहुंचने में नाकाम रहता है तो अमेरिका अपने सैनिकों की वापसी के लिये बाध ...
अमेरिका और तालिबान के हस्ताक्षर का गवाह बनने के लिए लगभग 30 देशों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के विदेश मंत्री और प्रतिनिधि पहुंचे हुए हैं। दोनों पक्षों के बीच 18 महीनों की वार्ता के बाद यह समझौता हो रहा है। ...