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कंपनी मेटा पर यूरोपीय संघ ने 1.3 अरब डॉलर का जुर्माना लगाया, जानें आखिर क्या है वजह

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: May 22, 2023 18:42 IST

यूरोपीय संघ ने वर्ष 2021 में दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन पर 74.6 करोड़ यूरो का जुर्माना लगाया था।

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ठळक मुद्देएक दशक पुराने इस मामले में पहले यूरोप के उपयोगकर्ताओं की सेवाएं बंद करने की चेतावनी दी थी। अदालत में अपील करने की बात कही है जिसमें फैसले पर रोक लगाने की गुहार लगाई जाएगी।यूरोप एवं अमेरिका के बीच आंकड़े भेजने वाली दूसरी अनगिनत कंपनियों के लिए एक खतरनाक नजीर पेश करता है।

लंदनः सोशल मीडिया मंचों फेसबुक एवं व्हाट्सऐप का परिचालन करने वाली कंपनी मेटा पर यूरोपीय संघ ने उपयोगकर्ताओं के बारे में जानकारी अमेरिका भेजने पर सोमवार को रोक लगाने के साथ 1.3 अरब डॉलर का जुर्माना भी लगा दिया। करीब पांच साल पहले यूरोपीय संघ में निजता उल्लंघन से संबंधित सख्त कानून लागू होने के बाद लगाया गया यह सबसे बड़ा जुर्माना है।

इसके पहले यूरोपीय संघ ने वर्ष 2021 में दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन पर 74.6 करोड़ यूरो का जुर्माना लगाया था। मेटा ने करीब एक दशक पुराने इस मामले में पहले यूरोप के उपयोगकर्ताओं की सेवाएं बंद करने की चेतावनी दी थी। लेकिन यूरोपीय संघ का सख्त आदेश आने के बाद उसने ऊपरी अदालत में अपील करने की बात कही है जिसमें फैसले पर रोक लगाने की गुहार लगाई जाएगी।

मेटा के वैश्विक मामलों के अध्यक्ष निक क्लेग और मुख्य विधिक अधिकारी जेनिफर न्यूस्टीड ने एक संयुक्त में कहा, "यह निर्णय त्रुटिपूर्ण एवं अन्यायपूर्ण होने के साथ यूरोप एवं अमेरिका के बीच आंकड़े भेजने वाली दूसरी अनगिनत कंपनियों के लिए एक खतरनाक नजीर पेश करता है।"

इसके साथ ही मेटा ने कहा कि यूरोपीय संघ के सदस्य देशों में फेसबुक की सेवा में तत्काल कोई गतिरोध नहीं आया है। यूरोपीय संघ के सदस्य आयरलैंड के आंकड़ों के संरक्षण से जुड़े आयोग ने मेटा को उपयोगकर्ताओं के बारे में सूचनाएं अमेरिका भेजने पर रोक लगाने के लिए पांच महीने की मोहलत दी है।

वहीं आंकड़ों को लेकर परिचालन का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए छह महीने का वक्त दिया गया है। यह मामला वर्ष 2013 में शुरू हुआ था जब ऑस्ट्रिया के वकील एवं निजता अधिकारों के लिए सक्रिय मैक्स श्रेम्स ने फेसबुक के खिलाफ एक शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों की इलेक्ट्रॉनिक निगरानी किए जाने संबंधी एडवर्ड स्नोडेन के आरोपों पर यह शिकायत की थी।

यूरोपीय उपयोगकर्ताओं के खातों में दर्ज जानकारियों तक अमेरिकी एजेंसियों की पहुंच होने का मामला अमेरिका एवं यूरोप के बीच तनातनी का भी कारण बना। इस दौरान यूरोपीय संघ में जहां आंकड़ों की निजता से संबंधित सख्त कानून बना वहीं अमेरिका में लचीला रुख देखने को मिला। 

टॅग्स :मेटाव्हाट्सऐपफेसबुकमार्क जकरबर्ग
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