लाइव न्यूज़ :

मनचाहा जीवनसाथी पाने के लिए सोमवार के दिन करें ये काम, मिलेगा शिव-पार्वती से वरदान

By धीरज पाल | Updated: March 12, 2018 09:54 IST

यदि पति और पत्नी के बीच क्लेश हो रहा है तो इस व्रत को करने से आपसी क्लेश दूर हो जाता है।

Open in App

हर कोई अपना सारा जीवन एक अच्छे साथी के संग व्यतीत करना चाहता है। इसके लिए वह भगवान से दिनों रात कामना करता है कि उसे मनचाहा जीवनसाथी प्राप्त हो। उसकी यह इच्चार पूर्ण हो इसके लिए वह भगवान को खुश करने के विभिन्न उपाय भी करने लगता है। कोई मंदिरों में भगवान को प्रसन्न करने के लिए भोग-चढ़ावा देता है तो कोई सुबह-शाम मंदिर के दरबार में जाकर मत्था टेकता है।

कोई मनोकाना पूरी होने के लिए भगवान की भक्ति में दिन रात लीन रहता है। अगर आप भी चाहते हैं कि आपको मनचाहे जीवनसाथी की प्राप्ति हो तो आपको भगवान शिव और पार्वती का स्मरण करना चाहिए। यह तभी संभव है जब आप भगवान शिव व माता पार्वती की पूजा प्रत्येक सोमवार को करते हैं।

सोमवार का दिन भगवान शिव का माना जाता है। इस दिन लोग भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए मंदिर में जाकर भगवान का दर्शन करते हैं। भगवान शिव वरदान और न्याय के देवता माने जाते हैं। कहा जाता है कि अगर सोमवार को भगवान शिव व माता पार्वती की शुद्द मन से आराधना किया जाए तो उसकी इच्छा पूर्ति के अवश्य होती है।

यह भी पढ़ें: दो पुत्रों के अलावा शिव-पार्वती की एक पुत्री भी हैं, जानें उनके बारे में

सोमवार को व्रत रहने से होते हैं ये लाभ

1. सोमवारी व्रत से पारिवारिक तथा मानसिक शांति तो मिलती ही है साथ ही साथ सभी प्रकार के मनोकामनाएं पूर्ण होती है।

2. व्रत से आर्थिक लाभ, सामाजिक प्रतिष्ठा, पारिवारिक शांति, वैवाहिक सुख, संतान लाभ, स्वास्थ लाभ तथा उन्नति की प्राप्ति होती है।

3. मान्यता के मुताबिक सोमवारी व्रत करने से मनचाहा जीवनसाथी मिलता है।

4. यदि पति और पत्नी के बीच क्लेश हो रहा है तो इस व्रत को करने से आपसी क्लेश दूर हो जाता है।

5. यदि बार बार प्रयास के बावजूद कार्यो में व्यवधान उत्पन्न हो रहा है तो सोमवार का व्रत तथा पारद शिवलिंग पर जल अर्पण करने से शीघ्र ही कार्य सम्पन्न हो जाता है।

6. सोमवार का व्रत तथा शिवलिंग को विधि पूर्वक स्नान कराकर उस स्थान से जल का तीन बार आचमन करने से शारीरिक, वाचिक तथा मानसकि तीनों प्रकार के पाप नष्ट हो जाते हैं।

7. सोमवारी व्रत करने से संतान को प्रतियोगिता में सफलता की प्राप्ति होती है।

8. इस व्रत को करने से मनुष्य के अंदर रहने वाले अहंकार रुपी पाप शीघ्र ही नष्ट हो जाते है तथा उसका मन सात्विक कार्यों में लगने लगता है।

यह भी पढ़ें: रुद्राक्ष की पौराणिक कथा में ही छिपा है इसे धारण करने का महत्व, जानें और पाएं लाभ

सोमवार व्रत की विधि:

नारद पुराण के अनुसार सोमवार व्रत में व्यक्ति को प्रातः स्नान करके शिव जी को जल और बेल पत्र चढ़ाना चाहिए तथा शिव-गौरी की पूजा करनी चाहिए। शिव पूजन के बाद सोमवार व्रत कथा सुननी चाहिए। इसके बाद केवल एक समय ही भोजन करना चाहिए। साधारण रूप से सोमवार का व्रत दिन के तीसरे पहर तक होता है। मतलब शाम तक रखा जाता है। सोमवार व्रत तीन प्रकार का होता है प्रति सोमवार व्रत, सौम्य प्रदोष व्रत और सोलह सोमवार का व्रत। इन सभी व्रतों के लिए एक ही विधि होती है।

Open in App

संबंधित खबरें

क्रिकेट2022 के बाद दूसरा मौका, एक सीजन में पहले 2 मैच में हार?, 6 बार पंजाब किंग्स के खिलाफ सीएसके ने बनाए 200 से अधिक रन

भारतवाराणसी का रोम-रोम हुआ रोमांचित, दर्शकों ने देखा कैसा था सम्राट विक्रमादित्य का सुशासन, देखें Photos

पूजा पाठPanchang 04 April 2026: आज कब से कब तक है राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय, देखें पंचांग

पूजा पाठRashifal 04 April 2026: कुंभ राशिवालों को अचानक धनलाभ मिलने की संभावना, जानें सभी राशियों का फल

विश्वअसल समस्या ट्रम्प हैं या दुनिया का दरोगा बनने की अमेरिकी मनोदशा?

पूजा पाठ अधिक खबरें

पूजा पाठGrah Gochar April 2026: अप्रैल में 4 राशिवालों के लिए बनेंगे कई राजयोग, ये ग्रह गोचर दे रहे हैं शुभ संकेत

पूजा पाठPanchang 03 April 2026: आज कब से कब तक है राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय, देखें पंचांग

पूजा पाठRashifal 03 April 2026: आज अवसर का लाभ उठाएंगे कर्क राशि के लोग, जानें अन्य सभी राशियों का भविष्य

पूजा पाठगुड फ्राइडे : क्रूस पर इंसानियत का देवता

पूजा पाठBaisakhi 2026: सिर्फ पंजाब ही क्यों? भारत के इन 5 शहरों में भी दिखती है बैसाखी की रौनक, चेक करें बेस्ट स्पॉट्स