लाइव न्यूज़ :

इस श्रावण बेलपत्र की जगह इस 5 पत्तों से करें भगवान शिव की पूजा, होंगी सारी मनोकामनाएं पूरी

By मेघना वर्मा | Updated: July 22, 2018 08:41 IST

आक का फूल और पत्ता दोनों ही शिव को चढ़ाया जाता है। यह भी शिव को काफी प्रिय होते हैं।

Open in App

अक्सर जब भगवान शिव की पूजा की बात होती है तो दूध और चावल के साथ सबसे पहले जिस चीज का नाम लिया जाता है वह है बेल पत्र। शिव पुराण में भी इस बात का जिक्र है कि भगवान शिव को बेलपत्र बहुत पसंद हैं। भोले का हर भक्त उन्हें खुश करने के लिए बेल पत्र चढ़ाता है। मगर शायद कुछ लोग ही जानते हैं कि भगवान शिव को बेलपत्र के साथ दूसरे पत्ते भी प्रिय होते हैं। अगर आपको पूजा करते समय बेल पत्र ना भी मिलें तोभी आप इन दूसरे पत्तों से भगवान शिव की पूजा कर सकते हैं। आप भी जानिए कौन से हैं वो पत्ते। 

1. भांग

भगवान भोलेनाथ को सबसे प्रिय है भांग। तो अगर आप चाहें तो भगवान भोले को भांग के पत्ते भी अर्पित कर सकते हैं। भांग का पत्ता या भांग का शरबत बनाकर आप भगवान भोले को चढ़ा सकते हैं इससे शिव बडे़ प्रसन्न होते हैं। भांग एक तरह की औषधि है। कहते हैं जब शिव जी ने विष का पान किया था तब जहर का उपचार करने के लिए भांग के पत्तो का इस्तेमाल किया गया था। बस तभी से ये पत्ते शिव जी के प्रिय हो गए। 

2. धतूरा

धतूरे का फल और पत्ता भी औषधि गुणों वाला होता है। शिव पुराण में बताया गया है कि शिव को धतूरा भी काफी पसंद है। आप भी अपनी पूजा में धतूरे को शामिल करना बिल्कुल ना भूलें। इस शिवरात्री पर आप बेल की पत्तों के जगह धतूरे के पत्तों को भी शिव को अर्पित कर सकते हैं। 

3. आक

आक का फूल और पत्ता दोनों ही शिव को चढ़ाया जाता है। यह भी शिव को काफी प्रिय होते हैं। कहा यह भी जाता है कि भगवान शिव को आक चढ़ाने वाले मानसिक और शारीरिक सभी तरह के कष्ट से दूर रहते हैं। तो बस आप भी इस श्रावण शिव को आक के पत्ते और फूल समर्पित कर सकते हैं। 

4. पीपल का पत्ता

पुराणों में पीपल के पत्ते का खासा महत्व होता है। कहा यह भी जाता है कि इस पत्ते में त्रीदेव का वास होता है। साथ ही पीपल के पत्ते पर शिव स्वंय विराजमान होते हैं। इसलिए आप अपनी शिव पूजा में पीपल को भी शामिल कर सकते हैं। 

5. दूर्वा

दूर्वा यानी घास के बारे में भी वेदों में बताया गया है कि इनमें अमृत का वास होता है। भगवान शिव और उनके पुत्र गणेश दोनों को ही दूर्वा बेहद पसंद होता है। तो इस श्रावण आप भी बेलपत्र की जगह दूर्वा घास को समर्पित कर सकते हैं। 

टॅग्स :सावनभगवान शिव
Open in App

संबंधित खबरें

पूजा पाठकैसे करें हनुमान बाहुक का पाठ?, मंगलवार-शनिवार को शुरू कर पाठ?, देखिए वीडियो

पूजा पाठHanuman Janmotsav 2026: रूद्र के अवतार हनुमान जी को अमरता का वरदान?, मंगलवार को जरूर करें बजरंग बाण?, वीडियो

ज़रा हटकेबाबा धाम का वीडियो वायरल! भीड़ कंट्रोल या बदसलूकी? दर्शन व्यवस्था पर उठे सवाल

पूजा पाठआमलकी और रंगभरी एकादशी में क्या फर्क है? होली से पहले मनाया जाता है त्योहार, जानें

पूजा पाठश्री महाकालेश्वर मंदिर में डिजिटल विस्तार, संध्या एवं शयन आरती की ऑनलाइन बुकिंग प्रारंभ, मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देशन अच्छी पहल 

पूजा पाठ अधिक खबरें

पूजा पाठPanchang 04 April 2026: आज कब से कब तक है राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय, देखें पंचांग

पूजा पाठRashifal 04 April 2026: कुंभ राशिवालों को अचानक धनलाभ मिलने की संभावना, जानें सभी राशियों का फल

पूजा पाठGrah Gochar April 2026: अप्रैल में 4 राशिवालों के लिए बनेंगे कई राजयोग, ये ग्रह गोचर दे रहे हैं शुभ संकेत

पूजा पाठPanchang 03 April 2026: आज कब से कब तक है राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय, देखें पंचांग

पूजा पाठRashifal 03 April 2026: आज अवसर का लाभ उठाएंगे कर्क राशि के लोग, जानें अन्य सभी राशियों का भविष्य