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Pitru Paksha 2019: पितृपक्ष में नहीं करें ये 7 काम, दूसरी बात याद रखना सबसे ज्यादा जरूरी

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: September 14, 2019 09:37 IST

Pitru Paksha 2019: मान्यताओं के अनुसार पितृपक्ष एक ऐसा समय होता है जब पूर्वज धरती पर आते हैं। इसलिए कोई भी ऐसा काम नहीं करना चाहिए जिससे वे दुखी हों।

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ठळक मुद्देपितृपक्ष पर नहीं करें अपने पितरो को दुखी, कुछ विशेष बातों का रखें ध्यान पितृपक्ष के दौरान पितरों की पूजा, दान और श्राद्ध का बहुत महत्व है

Pitru Paksha 2019: हिंदू धर्म में पितृपक्ष काल का महत्व विशेष है। हर साल अश्विन कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होने वाला पितृपक्ष इसे बार 28 सितंबर तक चलने वाला है। इस दौरान पितरों की पूजा और उनका श्राद्ध आदि करना चाहिए। मान्यताओं के अनुसार यह ऐसा समय होता है तब पूर्वज धरती पर आते हैं। इसलिए कई ऐसी बातें हैं जिनका ध्यान रखा जाना चाहिए ताकि पितर नाराज न हों और उनकी कृपादृष्टि हमेशा बनी रहे। आईए जानते हैं कि मान्यताओं के अनुसार पितृपक्ष के दौरान किन बातों का विशेष तौर पर ध्यान रखना चाहिए।

1. बाल और नाखून नहीं काटने चाहिए: पितृपक्ष के दौरान घर के पुरुषों को बाल कटाने, शेव या फिर नाखून आदि भी काटने से बचना चाहिए। इससे पितृदोष लगता है। मान्यता है कि ऐसा करने से धन की हानि भी होती है।

2. नया सामान या नये कपड़े नहीं खरीदे: यह भी ध्यान रखना बेहद जरूरी है। पितृपक्ष में नया सामान घर में नहीं लाना चाहिए। साथ ही नये वस्त्र भी नहीं खरीदें। यह शोक और पितरों को याद करने का दिन है। इसलिए शुभ काम या खुशी के नये काम करने से बचें। ऐसी भी मान्यता है इस दौरान कोई नया वस्त्र आदि खरीदने पर वह प्रेत का अंश हो जाता है।

3. गाय का अपमान नहीं करें: पितृपक्ष के दौरान पशु-पक्षी को भोजन और जल देना चाहिए। किसी भी जीव को परेशान नहीं करें। गाय में तो सभी देवताओं का वास माना गया है। इसलिए गाय की सेवा करें।

4. लोहे के बर्तन का नहीं करें इस्तेमाल: पितृपक्ष में पूजा के दौरान लोहे के बर्तन का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से परिवार पर अशुभ प्रभाव पड़ता है। इस पूजा में तांबा, पीतल या फिर अन्य धातु के बर्तनों का ही इस्तेमाल करें।

5. भिक्षुक, अतिथि का अपमान नहीं करें: इस अवधि में अपने घर आने वाले किसी भी अतिथि का अनादर नहीं करें। मान्यता है कि पितर कोई भी रूप धारण कर हमारे-आपके द्वार पर आ सकते हैं। इसलिए इस दौरान किसी भिक्षुक, अतिथि या आगंतुक का अनादर नहीं करें।

6. बासी खाना नहीं खाएं: पितृपक्ष में इस बात का विशेष ध्यान रखें कि आप किसी भी प्रकार का बासी खाना नहीं खाएं। मांस और शराब का सेवन भी नहीं करें। पितृ पक्ष के दौरान पेड़-पौधे नहीं काटें। ऐसा करने से भी पितृ-दोष का सामना करना पड़ता है। 

7. तेल का उपयोग नहीं करें: पितृपक्ष के दौरान अगर आप श्राद्ध आदि कर रहे हैं तो अपने शरीर पर तेल-साबुन या साज-सज्जा की किसी भी वस्तु का उपयोग नहीं करें। इसे वर्जित माना गया है।

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