लाइव न्यूज़ :

Pitru Paksha: पितृपक्ष में इस बार किसी वजह से नहीं कर पाए श्राद्ध तो कर लें बस ये 5 काम, मिलेगा पूर्वजों का आशीर्वाद

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: September 26, 2019 13:47 IST

Pitru Paksha 2019: भारत में विभिन्न शहरों में पवित्र नदियों के किनारे श्राद्ध और तर्पण की परंपरा है। वैसे अगर आप इस बार ऐसा नहीं कर सके हैं तो कुछ विशेष कामों को जरूर कर लें। इससे पितरों का आशीर्वाद मिलेगा।

Open in App
ठळक मुद्देपितृपक्ष में पितरों का श्राद्ध और तर्पण का है विधान, हिंदू धर्म में है इसकी बहुत मान्यतापितृपक्ष में श्राद्ध नहीं कर सके तो ब्राह्मणों और गरीबों को कराएं भोजन, दान भी करें

Pitru Paksha 2019:पितृपक्ष अब खत्म होने में केवल दो दिन का समय रह गया है। अश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या शनिवार (28 सितंबर) को है और यही पितृपक्ष का आखिरी दिन भी है। इसे श्राद्ध अमावस्या भी कहते हैं। इसके बाद नवरात्रि की शुरुआत 29 तारीख से हो जाएगी। हिंदू धर्म में पितृपक्ष का बहुत महत्व है। ऐसी मान्यता है कि इन दिनों में अपने पितरों का श्राद्ध और तर्पण करना चाहिए। 

ऐसा नहीं करने पर पितृदोष लगता है। भारत में विभिन्न शहरों में पवित्र नदियों के किनारे श्राद्ध और तर्पण की परंपरा है। वैसे, अगर आप इस बार किसी वजर से पितृपक्ष में श्राद्ध नहीं कर सके हैं तो भी कुछ विशेष नियमों का पालन कर आप पितृदोष से बच सकते हैं।

1) पितृपक्ष के समय अगर आप पिंडदान, श्राद्ध आदि नहीं कर पाते हैं तो किसी ब्राह्मण या गरीब व्यक्ति को धन और अनाज का दान करना चाहिए। ब्राह्मण और गरीब को घर में बैठाकर भोजन भी करवाना अच्छा है। इससे पितरों का आशीर्वाद मिलता है।

2) अगर पूरे विधि-विधान से श्राद्ध नहीं कर पा रहे हैं तो किसी नदी में काला तिल और पके चावल डालकर तर्पण करें। इस दौरान पितरों का ध्यान करें। स्नान आदि के बाद अनाज का दान करें।

3) पितरों का स्मरण करते हुए इस दौरान गोशाला में भी दान करना चाहिए। साथ ही गाय को हरी घास और रोटी आदि खिलाएं। कौए के लिए भी अलग भोजन निकाल कर रखें।

4) श्राद्ध नहीं कर पाने की स्थिति में एक और काम रोजाना अवश्य करें। सुबह जल्दी उठे और भगवान सूर्य को जल चढ़ाएं। पीपल के पेड़ पर भी जल चढ़ाना चाहिए।

5) पितृपक्ष के दौरान किसी भी अनैतिक कार्य से बचना चाहिए। इस समय में अनैतिक और अधार्मिक काम करने वाले लोगों को पिंडदान, तर्पण आदि करने पर भी पुण्य का फल नहीं मिलता। इसलिए इसका बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

टॅग्स :पितृपक्ष
Open in App

संबंधित खबरें

पूजा पाठमहालया अमावस्या 2025: पितृपक्ष का अंतिम दिन, पितरों के लिए तर्पण, श्राद्ध और दान का विशेष महत्व

कारोबारGST New Rate: रहिए तैयार, केवल 15 दिन में घटेगा दाम?, हर घर की जरूरत, दिनचर्चा में प्रयोग, त्योहार से पहले मीडिल क्लास की जेब...

पूजा पाठPitru Paksha 2025: आज से शुरु हो रहा पितृ पक्ष, जानें पितरों के श्राद्ध का सही नियम और सबकुछ

भारतRohtas Road Accident: राजस्थान से गया जा रही बस की ट्रक से भीषण टक्कर, तीन की मौत; 15 घायल

पूजा पाठSarva Pitru Amavasya 2024 Date: कब है सर्व पितृ अमावस्या? कैसे करें पितृ विसर्जन, जानें विधि और महत्व

पूजा पाठ अधिक खबरें

पूजा पाठPanchang 05 April 2026: आज कब से कब तक है राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय, देखें पंचांग

पूजा पाठRashifal 05 April 2026: आज शत्रुओं की चाल से बचें वृषभ राशि के लोग, कर्क राशिवालों के जीवन में खुशियां

पूजा पाठGuru Nakshatra Parivartan 2026: अप्रैल में इन 5 राशिवालों का शुरू होगा गोल्डन पीरियड, मोटी कमाई की उम्मीद

पूजा पाठPanchang 04 April 2026: आज कब से कब तक है राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय, देखें पंचांग

पूजा पाठRashifal 04 April 2026: कुंभ राशिवालों को अचानक धनलाभ मिलने की संभावना, जानें सभी राशियों का फल