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Merry Christmas 2021: 25 दिसंबर को क्यों मनाया जाता है क्रिसमस डे, जानें प्रमुख कारण

By रुस्तम राणा | Updated: December 16, 2021 11:42 IST

दुनियाभर में यह त्योहार 25 दिसंबर को ही मनाया जाता है। ईसाई समुदाय की मान्यता के अनुसार, प्रभु यीशु मसीह के जन्म के प्रतीक के तौर पर हर साल क्रिसमस पर्व मनाया जाता है। हालांकि, क्या आपको मालूम है कि ईसाईयों के सबसे पवित्र ग्रंथ बाइबल में यीशु के जन्म के लेकर कोई तय तारीख दर्ज ही नहीं है।

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ठळक मुद्दे25 दिसंबर को पूरी दुनिया में मनाया जाता है क्रिसमस डेमान्यता है कि इस दिन हुआ था प्रभु यीशु का जन्म

'क्रिसमस डे' ईसाई समुदाय का प्रमुख त्योहार है। दुनियाभर में यह त्योहार बड़ी धूमधाम के साथ मनाया जाता है। लेकिन कोरोना वायरस के चलते पिछले वर्ष इस त्योहार की रौनक फीकी पड़ गई थी और इस साल भी इस पर्व पर ओमीक्रोन का ग्रहण लग सकता है। सेंटा क्लॉज का गिफ्ट और रंग-बिरंगी लाइटों से सजा क्रिसमस ट्री इस पर्व की खास रौनक होती है। गिफ्ट के लिए बच्चे को खासतौर पर सफेद दाढ़ी-मूँछों वाले सेंटा का इतजार रहता है। 

दुनियाभर में यह त्योहार 25 दिसंबर को ही मनाया जाता है। ईसाई समुदाय की मान्यता के अनुसार, प्रभु यीशु मसीह के जन्म के प्रतीक के तौर पर हर साल क्रिसमस पर्व मनाया जाता है। हालांकि, क्या आपको मालूम है कि ईसाईयों के सबसे पवित्र ग्रंथ बाइबल में यीशु के जन्म के लेकर कोई तय तारीख दर्ज ही नहीं है। ऐसे में आखिर क्यों 25 दिसंबर को ही पूरी दुनिया में क्रिसमस डे मनाया जाता है।

 क्रिसमस 25 दिसंबर को क्यों मनाते हैं?

शुरूआत में प्रभु यीशु मसीह के जन्मदिवस को लेकर ईसाई समुदाय में मतभेद था। क्योंकि इनके जन्म की तारीख के विषय में किसी को भी कोई जानकारी नहीं थी। परन्तु 360 ईस्वी के आसपास रोम के एक चर्च में ईसा मसीह के जन्मदिन को मनाया गया। लंबी बहस और विचार के बीच चौथी शताब्दी में 25 दिसंबर को ईसा मसीह का जन्मदिवस घोषित किया गया, लेकिन इसके बाद भी इसे प्रचलन में आने में समय लगा। वहीं 1836 ई. में अमेरिका में क्रिसमस को कानूनी मान्यता मिली और 25 दिसंबर को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया।

सेंटा क्लॉज

सेंटा क्लॉज का जन्म 340 ई. में 06 दिसंबर को हुआ था। कहते हैं कि बचपन में ही सेंटा क्लॉज के माता-पिता का देहांत हो गया था और बड़े होने के बाद वो एक पादरी बन गए। उन्हें लोगों की मदद करना काफी अधिक पसंद था। वे बच्चों को रात में गिफ्ट इसलिए देते थे ताकि उन्हें कोी देख न सके।

क्रिसमस ट्री

क्रिसमस के मौके पर क्रिसमस ट्री को सजाया जाता है। कहते हैं कि क्रिसमस ट्री की शुरूआत उत्तरी यूरोप में कई सदी पहले हुई थी। उस दौरान बेर नाम के एक पेड़ को सजाकर विंटर फेस्टीवल मनाया जाता था। मान्यता है कि प्रभु यीशु के जन्म के समय सभी देवताओं ने सदाबहार वृ्क्ष को सजाया था, तभी से इस वृक्ष को क्रिसमस ट्री के नाम से जाना जाने लगा।

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