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भगवान शिव पर जलाभिषेक कैसे करें?, महामृत्युंजय मंत्र जाप करते रहिए, वीडियो

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: February 15, 2026 04:43 IST

Mahashivratri 2026 Shubh Muhurt: निषित काल में भी पूजा किया जाता है। रात के चारों पहर में भी पूजा के मुहूर्त हैं।

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ठळक मुद्देMahashivratri 2026 Shubh Muhurt: ये दिन बेहद खास बन गया है।Mahashivratri 2026 Shubh Muhurt: शिवमंदिरों और शिवालयों में जलाभिषेक हो रहा है। Mahashivratri 2026 Shubh Muhurt: महाशिवरात्रि में रात की पूजा का महत्व खास है।

Mahashivratri 2026 Shubh Muhurt:महाशिवरात्रि आज पूरे देश में मनाई जा रही है। हिंदू पंचाग के मुताबिक फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को महाशिवरात्रि मनाई जाती है। इस बार ये 15 फरवरी को है। ऐसे तो हर महीने एक शिवरात्रि आती है, जिसे मासिक शिवरात्रि कहते हैं पर फाल्गुन की शिवरात्री का महत्व बेहद विशेष है। मान्यता है इसी दिन भगवान शिव और माता-पार्वती का विवाह हुआ था। इस बार की महाशिवरात्रि और भी विशेष है। ऐसा संयोग सालों बाद हो रहा है। इसलिए ये दिन बेहद खास बन गया है।

Mahashivratri 2026 Shubh Muhurt: महाशिवरात्रि-पूजा और जलाभिषेक के मुहूर्त

देश के तमाम शिवमंदिरों और शिवालयों में जलाभिषेक हो रहा है। ये सबकुछ कुछ ऐसा संयोग बना रहे हैं, जिसमें भगवान शिव की पूजा विशेष फलदायी साबित हो सकती है। महाशिवरात्रि में रात की पूजा का महत्व खास है। निषित काल में भी पूजा किया जाता है। रात के चारों पहर में भी पूजा के मुहूर्त हैं।

Mahashivratri 2026 Shubh Muhurt: महाशिवरात्रि-भगवान शिव पर जलाभिषेक कैसे करें

महाशिवरात्रि या भगवान शिव की पूजा के लिए दूध का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए। गाय के दूध का विशेष महत्व है। ये सबसे अधिक पवित्र और उत्तम माना गया है। भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए जल में थोड़ा सा दूध मिलाकर उन्हें चढ़ाएं। मान्यताओं के अनुसार जल में थोड़ा दूध मिलाकर जलाभिषेक करने से या शिवलिंग पर दूध चढ़ाने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और मनोकामनाएं पूरी करते हैं।

Mahashivratri 2026 Shubh Muhurt: भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था

साथ ही महाशिवरात्रि के दिन महादेव की पूजा करते समय बेल पत्र, दूध, दही, शहद, शक्कर और गंगाजल का इस्तेमाल करें। ऐसे जलाभिषेक करने से शिव भक्तों पर भगवान शंकर की कृपा बरसती है और समस्याओं से निजात मिलने की संभावना रहती है। महाशिवरात्रि का पर्व करीब है। मान्यताओं के अनुसार इसी दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था।

Mahashivratri 2026 Shubh Muhurt: रुद्राभिषेक और महामृत्युंजय मंत्र जाप

इस दिन भगवान शंकर और माता पार्वती की विशेष पूजा करने की परंपरा है। खासकर, अविवाहित लड़कियां इस दिन उपवास रखती हैं और भगवान शिव से अच्छे वर का आशीर्वाद मांगती हैं। इस दिन भगवान शंकर को बेल पत्र, धतूरा, बेर आदि अर्पित किए जाते हैं।

साथ ही रुद्राभिषेक और महा महामृत्युंजय मंत्र आदि का जाप किया जाता है। ऐसी मान्यता है कि इन मंत्रों के जाप से कई प्रकार के कष्टों का निवारण हो जाता है। आईए जानते हैं महाशिवरात्रि से जुड़े कई अहम सवालों के जवाब है।

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