लाइव न्यूज़ :

Mahalaya & Pitru Amavasya: महालया अमावस्या आज, जानिए पितरों का श्राद्ध करने का तरीका

By ज्ञानेश चौहान | Updated: September 28, 2019 06:19 IST

Mahalaya & Pitru Amavasya: इस दिन उन पितरों का श्राद्ध किया जाता है जिनकी तिथि याद नहीं। इसके अलावा इस दिन ऐसे पितरों का श्राद्ध भी किया जाता है जो ऐसे पितृ जिनके मरने की तिथि अज्ञात है या वह सालों से लापता हैं और उनके जिंदा होने की कोई उम्मीद भी नहीं है।

Open in App
ठळक मुद्देइस दिन एक तरफ जहां पितर पक्ष का समापन और नवरात्र की शुरूआत होने वाली होती हैऐसा माना जाता है कि महालया में मां दुर्गा ने असुरों का सर्वनाश किया था।

अश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या के साथ ही आज (28 सितंबर को) पितृपक्ष का समापन हो जाएगा। पश्चिम बंगाल में इसे "महालया अमावस्या" कहा जाता है। इस दिन एक तरफ जहां पितर पक्ष का समापन और नवरात्र की शुरूआत होने वाली होती है। इस दिन पितरों को विदा करने का दिन है। ऐसा माना जाता है कि महालया में मां दुर्गा ने असुरों का सर्वनाश किया था। इसके अलावा यह भी कहा जाता है कि इस दिन मां पार्वती कैलाश छोड़कर अपने पुत्रों गणेश और कार्तिकेय से मिलने आती हैं।

इसलिए मनाते हैं महालयाइस दिन उन पितरों का श्राद्ध किया जाता है जिनकी तिथि याद नहीं। इसके अलावा इस दिन ऐसे पितरों का श्राद्ध भी किया जाता है जो ऐसे पितृ जिनके मरने की तिथि अज्ञात है या वह सालों से लापता हैं और उनके जिंदा होने की कोई उम्मीद भी नहीं है।

पितरों का श्राद्ध करने का तरीकाइस दिन तर्पण में दूध, तिल, कुशा, पुष्प, गंध मिश्रित जल से पितरों को तृप्त किया जाता है। इसके अलावा इस दिन पितरों की पसंद का भोजन बनाकर पांच स्थानों में भोजन को निकालना चाहिए। इसमें पहला हिस्सा गाय का, दूसरा देवों का, तीसरा हिस्सा कौए का, चौथा हिस्सा कुत्ते का और पांचवा हिस्सा चींटियों का होता है। जल का तर्पण करने से पितरों की प्यास बुझती है।

दरवाजे पर आने वाले किसी भी जीव का निरादर ना करेंपितृ पक्ष के 14 दिनों में अगर आप अपने पितरों का श्राद्ध न कर पाए हों तो पितृ दोष से बचने के लिए अमावस्या में उनका भी श्राद्ध किया जा सकता है। मान्यता है कि इन दिनों में पितर किसी भी रूप में आपके घर पर आ सकते हैं। इसलिए भूलकर भी अपने दरवाजे पर आने वाले किसी भी जीव का निरादर ना करें। ऐसे पितरों को श्राद्ध पक्ष के आखिरी दिन तर्पण दिया जाता है।

टॅग्स :पितृपक्षदुर्गा पूजामां दुर्गाहिंदू त्योहारनवरात्रिनवरात्री महत्वधार्मिक खबरें
Open in App

संबंधित खबरें

पूजा पाठHanuman Jayanti Puja Muhurat 2026: नोट कर लें बजरंगबली की पूजा के ये 2 सबसे शुभ मुहूर्त, बरसेगी पवनपुत्र की कृपा

पूजा पाठHanuman Jayanti 2026: बिना तामझाम ऐसे करें बजरंगबली की पूजा, चमक जाएगी आपकी किस्मत

पूजा पाठHanuman Jayanti 2026: 1 या 2 अप्रैल, कब मनाई जाएगी हनुमान जयंती? दूर करें अपना कन्फ्यूजन

कारोबारApril 2026 Festival List: बैसाखी से बिहू तक, अप्रैल 2026 में छुट्टियों का पिटारा, चेक करें त्योहारों की पूरी लिस्ट

ज़रा हटकेKapil Sharma ने घर पर किया कन्या पूजन, वीडियो देख लोग हुए इमोशनल

पूजा पाठ अधिक खबरें

पूजा पाठPanchang 05 April 2026: आज कब से कब तक है राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय, देखें पंचांग

पूजा पाठRashifal 05 April 2026: आज शत्रुओं की चाल से बचें वृषभ राशि के लोग, कर्क राशिवालों के जीवन में खुशियां

पूजा पाठGuru Nakshatra Parivartan 2026: अप्रैल में इन 5 राशिवालों का शुरू होगा गोल्डन पीरियड, मोटी कमाई की उम्मीद

पूजा पाठPanchang 04 April 2026: आज कब से कब तक है राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय, देखें पंचांग

पूजा पाठRashifal 04 April 2026: कुंभ राशिवालों को अचानक धनलाभ मिलने की संभावना, जानें सभी राशियों का फल