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Jitiya Vrat 2023: आज नहाय-खाय से जितिया व्रत की शुरुआत, कल माताएं रखेंगी पुत्र के लिए उपवास; जानें शुभ मुहूर्त

By अंजली चौहान | Updated: October 5, 2023 10:36 IST

विवाहित महिलाएं हिंदू कैलेंडर के अनुसार, हर साल अश्विन महीने में कृष्ण अष्टमी को जितिया व्रत का पालन करती हैं। मान्यता है कि जितिया व्रत करने से संतान को सुख-समृद्धि और दीर्घायु की प्राप्ति होती है। जीवित्पुत्रिका और जिउतिया व्रत जितिया व्रत के अन्य नाम हैं।

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ठळक मुद्देआज से शुरू जितिया व्रत महिलाएं पुत्र की सलामती के लिए ये व्रत करती हैंमहिलाएं पुत्र की सलामती के लिए ये व्रत करती हैं

Jitiya Vrat 2023: हिंदू धर्म को मानने वाली औरतों द्वारा अपने पुत्र की लंबी उम्र की कामना के लिए रखा जाने वाला जितिया व्रत आज से शुरू हो गया है। व्रत की सही तारीख को लेकर कंफ्यूजन है तो उन्हें यहां सही तारीख हम बता रहें।

पंचांग के अनुसार, यह पवित्र व्रत 6 अक्टूबर 2023 को मनाया जाएगा। जितिया व्रत हर साल आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। माताएं अपने प्यारे बच्चों की खुशी और लंबी उम्र सुनिश्चित करने के लिए इस दिन जितिया व्रत रखती हैं।

मान्यता है कि इस व्रत के परिणामस्वरूप माता-पिता को सम्मान मिलता है क्योंकि उनके बच्चे बड़े होकर तेजस्वी और लंबे समय तक जीवित रहते हैं। जितिया का दूसरा नाम जीवित्पुत्रिका व्रत है। यह व्रत भारत के साथ-साथ नेपाल में भी बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड भारत के प्रमुख स्थान हैं जहां जीवित्पुत्रिका व्रत मनाया जाता है।

संतान कल्याण का पर्व जितिया का नहाय-खाय आज यानि 5 अक्टूबर गुरुवार को है। वहीं, कल माताएं निर्जला व्रत रखेंगी। आड नहाय-खाय में व्रती माताएं झिंगली, खमरूआ, सतपुतिया, नोनी का साग और मड़ुआ की रोटी खाएंगी। हालांकि, जितिया व्रत रखने वाले सभी राज्यों में नहाय खाय का प्रचलन नहीं है लेकिन निर्जला व्रत कल सभी माताएं रखेंगी। 

जितिया व्रत के दौरान व्रत रखने वाली महिलाएं निर्जल व्रत रखती हैं। इस व्रत को करने वाला पारण करने और सूर्य को अर्घ्य देने के बाद ही व्रत तोड़ सकता है। आम तौर पर जितिया व्रत का समापन अगले दिन नवमी तिथि को होता है। जितिया व्रत के रीति-रिवाज छठ पूजा के समान ही हैं।

जितिया व्रत तिथि और शुभ मुहूर्त 

जितिया व्रत 2023 तिथि - 6 अक्टूबर 2023 (शुक्रवार)

जितिया व्रत 2023 प्रारंभ समय - 6 अक्टूबर 2023 सुबह 6:34 बजे जितिया व्रत 2023 समाप्ति समय- 7 अक्टूबर 2023 प्रातः 8:10 बजे

जितिया व्रत शुभ मुहूर्त 

सर्वार्थ सिद्धि मुहूर्त (6 अक्टूबर को रात 9:32 बजे से 7 अक्टूबर को सुबह 6:17 बजे तक)

जितिया व्रत पूजा विधि 

- सुबह जल्दी व्रत की प्रक्रिया शुरू होती है। जितिया के दिन लोग जल्दी उठकर स्नान करते हैं। 

- स्नान करने के बाद सूर्य नारायण (सूर्य देव) की मूर्ति पर जल चढ़ाना चाहिए। 

- मोमबत्ती, धूप और अन्य सजावट के साथ आरती करने के बाद, भगवान को भोग के रूप में कुछ भोजन अर्पित करें। 

- मिट्टी और गाय के गोबर से चील और शेर की मूर्ति बनाई जा सकती है। कुशा में निर्मित जीमूतवाहन की मूर्ति पर चावल, फूल, धूप, दीप और अन्य प्रसाद चढ़ाएं। 

- विधि-विधान से पूजा करें और व्रत कथा सुनें. अर्घ्य देने के बाद पारण अवश्य करें और जरूरतमंदों को दान दें।

(डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी किसी सामान्य ज्ञान पर आधारित है। इसकी किसी विशेषज्ञ द्वारा पुष्टि नहीं कराई गई है। कृपया किसी भी सलाह और जानकारी पर अमल करने से पहले किसी विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें, लोकमत हिंदी इसकी पुष्टि नहीं करता है।)

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