Chaitra Navratri 2026: वसन्त की सुगंध और चैत्र की प्रतिपदा के साथ ही 19 मार्च 2026 से चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व शुरू हो रहा है। शक्ति की उपासना के इस महापर्व पर जहाँ मंदिरों में कलश स्थापना की तैयारियाँ ज़ोरों पर हैं, वहीं भोजपुरी संगीत जगत अपनी सुरीली भेंट लेकर तैयार है। उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के हर गली-चौराहे पर "जय माता दी" के जयकारों के साथ भोजपुरी के दिग्गज गायकों के भजन गूँजने लगे हैं। इस बार नवरात्रि के पहले तीन दिन 'पंचक' का साया होने के बावजूद भक्तों के उत्साह और लोक गायकों की भक्ति में कोई कमी नहीं दिख रही है।
ऐसे में भोजपुरी पावर स्टार पवन सिंह, ट्रेंडिंग स्टार खेसारी लाल यादव, और नीलकमल सिंह जैसे दिग्गजों ने अपने नए देवी गीतों से डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर कब्जा जमा लिया है। माता रानी के भजन भक्तों को अति प्रिय है और ये नवरात्रि शुरू होने से पहले ही वायरल हो रहे हैं। भक्त माता के भजन को सुनना पसंद करते हैं। ऐसे में भोजपुरी कलाकारों ने कई गीत गाए हैं जो काफी पॉपुलर है।
कलाकारों ने न केवल पारंपरिक वाद्यों बल्कि आधुनिक संगीत का मिश्रण कर युवा पीढ़ी को भी अपनी लोक संस्कृति और भक्ति से जोड़ा है। विशेष रूप से "अंगना लिपइबो ए मईया" और "मईया आवतारी" जैसे गीत हर पंडाल की शोभा बढ़ा रहे हैं।
2026 के टॉप 5 प्रसिद्ध भोजपुरी भजन
1- अंगना लिपइबो ए मईया
पवन सिंह की आवाज में गाया गया भजन अंगना लिपइबो ए मईया दर्शकों को खूब पसंद है। यह पारंपरिक 'गाय के गोबर' से अंगना लीपने की परंपरा को दर्शाता हुआ भावुक गीत है।
2- दुलारी मयरिया आ गई
दुलारी मयरिया आ गई देवी दुर्गा माता की भजन है जिसे पवन सिंह ने गया है। जिस गाने लिरिक्स रौशन सिंह विश्वास ने लिखे है मुजिक प्रियांशु सिंह जी ने दिये है। माँ के स्वागत में गाया गया एक प्रसिद्ध जुगलबंदी गीत है।
3- सातो बहिन के झुलुआ झूला दियो रे
खेसारी लाल यादव की आवाज में ये भजन आपके मन को बहुत सुकून पहुंचाएगा। माँ के सातों स्वरूपों को समर्पित यह लोकगीत बहुत प्रसिद्ध है।
4- चुनरी में सुनरी के रूप
माता रानी के समर्पित एक प्रसिद्ध और भक्तिपूर्ण भोजपुरी देवी गीत है। यह भजन मां दुर्गा की सुंदरता का वर्णन करता है, जिसमें बताया गया है कि सुनहरी चुनरी में माता का रूप अत्यंत मनमोहक और अलौकिक लग रहा है। इस गाने में पवन सिंह ने अपनी आवाज से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया है।
5- मैया भोरही से बोले चिरैया
मधु पाण्डेय द्वारा ये भजन गाया गया है। एक पारंपरिक देवी पचरा गीत (भक्ति गीत) है, जिसमें सुबह के समय चिड़ियों के चहकने के माध्यम से माता को जागने और भोर होने का संदेश दिया जाता है। यह एक मधुर लोकगीत है जो भोजपुरी या हिंदी भाषी क्षेत्रों में देवी माँ की आरती या सुबह की पूजा के समय गाया जाता है।