लाइव न्यूज़ :

Apara Ekadashi 2024: कब है अपरा एकादशी व्रत? नोट करें तारीख, जानें पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

By रुस्तम राणा | Updated: May 27, 2024 14:11 IST

Apara Ekadashi 2024: ज्येष्ठ माह कृष्ण पक्ष की एकादशी को अपरा एकादशी का व्रत किया जाता है। शास्त्रों में इसे अचला एकादशी व्रत के नाम से भी जाना जाता है।

Open in App

Apara Ekadashi 2024: हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व होता है। हर माह दो बार (कृष्ण और शुक्ल पक्ष) एकादशी तिथि आती है, जिन्हें भिन्न-भिन्न नामों से जाना जाता है। यह तिथि भगवान विष्णु को समर्पित होती है। इस दिन जगत के पालनहार श्री हरि की कृपा पाने के लिए एकादशी व्रत किया जाता है। ऐसे ही ज्येष्ठ माह कृष्ण पक्ष की एकादशी को अपरा एकादशी का व्रत किया जाता है। शास्त्रों में इसे अचला एकादशी व्रत के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि जो कोई भक्त अपरा एकादशी व्रत को विधि-विधान के साथ सच्चे मन से करता है उसकी समस्त प्रकार की मनोकामनाएं पू्र्ण हो जाती हैं।

कब है अपरा एकादशी व्रत? 

इस वर्ष ज्येष्ठ माह की कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 2 जून रविवार सुबह 5:04 बजे से शुरू होगी और इसका समापन 3 जून, 2024 सोमवार को देर रात 2:41 पर होगा। ऐसी स्थिति में इस बार 2 जून, रविवार को अपरा एकादशी का व्रत रखा जाएगा। 

अपरा एकादशी मुहूर्त

एकादशी तिथि प्रारंभ - 2 जून रविवार सुबह 5:04 बजेएकादशी तिथि समाप्त - 3 जून, 2024 सोमवार को देर रात 2:41 बजेव्रत पारण मुहूर्त - 3 जून 2024 को सुबह 8:05 बजे से 8:10 बजे तक

अपरा एकादशी व्रत विधि

इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नानादि करके व्रत का संकल्प लें। पूजा स्थल भगवान विष्णु की मूर्ति पूजा चौकी पर स्थापित करें।विष्णु जी के समक्ष घी का दीपक जलाएं। भगवान विष्णु की आरती के बाद भोग लगाएं। अपरा एकादशी व्रत की कथा पढ़ें या सुनें। विष्णु भगवान के भोग में तुलसी जरूर चढ़ाएं।रात्रि को भगवान विष्णु जी की पूजा के पश्चात फलाहार करें अगले दिन पारण के लिए शुभ मुहूर्त में व्रत खोलें। उसके बाद ब्राह्मण को भोजन कराकर खुद भी भोजन करें।

अपरा एकादशी व्रत का महत्व

धार्मिक मान्यता के अनुसार, अपरा एकादशी के दिन अनजाने में हुई गलतियों और पापों को नष्ट के लिए भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। इस एकादशी का व्रत करने से मनुष्य जीवन के सभी संकट दूर हो जाते हैं और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। अपरा एकादशी पर विष्णु यंत्र की पूजा अर्चना करने का भी महत्व है। इस एकादशी पर श्रद्धालु पूरा दिन व्रत धारण कर शाम के समय भगवान विष्णु की पूजा अर्चना करते हैं। अपरा एकादशी पर विधि-विधान से पूजा अर्चना करने से भगवान विष्णु की असीम कृपा प्राप्त हो सकती है।

टॅग्स :एकादशीहिंदू त्योहार
Open in App

संबंधित खबरें

पूजा पाठHanuman Jayanti Puja Muhurat 2026: नोट कर लें बजरंगबली की पूजा के ये 2 सबसे शुभ मुहूर्त, बरसेगी पवनपुत्र की कृपा

पूजा पाठHanuman Jayanti 2026: बिना तामझाम ऐसे करें बजरंगबली की पूजा, चमक जाएगी आपकी किस्मत

पूजा पाठHanuman Jayanti 2026: 1 या 2 अप्रैल, कब मनाई जाएगी हनुमान जयंती? दूर करें अपना कन्फ्यूजन

कारोबारApril 2026 Festival List: बैसाखी से बिहू तक, अप्रैल 2026 में छुट्टियों का पिटारा, चेक करें त्योहारों की पूरी लिस्ट

पूजा पाठHappy Ram Navami 2026 Wishes: राम नवमी की हार्दिक शुभकामनाएं, दोस्तों और रिश्तेदारों को भेजें ये मैसेज

पूजा पाठ अधिक खबरें

पूजा पाठPanchang 04 April 2026: आज कब से कब तक है राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय, देखें पंचांग

पूजा पाठRashifal 04 April 2026: कुंभ राशिवालों को अचानक धनलाभ मिलने की संभावना, जानें सभी राशियों का फल

पूजा पाठGrah Gochar April 2026: अप्रैल में 4 राशिवालों के लिए बनेंगे कई राजयोग, ये ग्रह गोचर दे रहे हैं शुभ संकेत

पूजा पाठPanchang 03 April 2026: आज कब से कब तक है राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय, देखें पंचांग

पूजा पाठRashifal 03 April 2026: आज अवसर का लाभ उठाएंगे कर्क राशि के लोग, जानें अन्य सभी राशियों का भविष्य