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प्रियंका गांधी का सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र, उत्तर प्रदेश में आर्थिक आपातकाल जैसे हालात

By शीलेष शर्मा | Updated: April 17, 2020 19:24 IST

फ़सल कटाई की समस्या को लेकर माना जा रहा है कि राज्य प्रशासन में तैनात अधिकारीयों के आतंक के कारण किसानों को कटाई मशीन को चलाने वाले नहीं मिल पा रहे है। 

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ठळक मुद्देउद्योग आगरा का जूता उद्योग, खुर्जा का पॉटरी उद्द्योग पूरी तरह बैठ गये हैं।इन उद्योग से जिलों के लाखों परिवार पलते थे लेकिन उद्द्योग बंद होने के कारण इन उद्द्योगों के मज़दूर और उनके परिवार भूख से जूझ रहे हैं।

नयी दिल्ली: उत्तर प्रदेश में राज्य सरकार के आदेश के बाबजूद खेतों में तैयार खड़ी रबी फ़सल की कटाई का काम शुरू नहीं हो पा रहा है जिससे किसानों के बीच हां हा कार मचा हुआ है, दूसरी तरफ़ कुटीर उद्द्योग दम तोड़ रहा है जिसके लिये प्रियंका गाँधी ने मुख्यमंत्री योगी से प्रदेश के लिये आर्थिक पुनर्निर्माण टॉस्क फ़ोर्स गठित करने की माँग की है। 

फ़सल कटाई की समस्या को लेकर माना जा रहा है कि राज्य प्रशासन में तैनात अधिकारीयों के आतंक के कारण किसानों को कटाई मशीन को चलाने वाले नहीं मिल पा रहे है। 

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी ने इस मुद्दे को भी उठाते हुये प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ को पत्र लिख कर उनसे  हस्तक्षेप करने को कहा है। अपने पत्र में प्रियंका ने इस समस्या के कारण का भी उल्लेख किया है यह कहते हुये कि कम्बाइन मशीनों को चलाने वाले अन्य राज्यों से आते हैं नतीजा उनको प्रशासन राज्य में आने की अनुमति नहीं दे रहा, कटाई मशीनों के मालिक प्रशासन से डरे हुये हैं जिसके कारण किसानों को किराये पर कटाई मशीनें भी नहीं मिल पा रही हैं। प्रियंका ने गन्ना किसानों की बकाया राशि के भुगतान करने की मांग के साथ साथ आगामी फ़सल की खरीद की गारंटी राज्य सरकार दे की भी मांग उठाई। 

फ़िरोज़ाबाद का कांच उद्द्योग ,मुरादाबाद का पीतल उद्योग ,मिर्ज़ापुर-भदोही का कालीन 

उद्योग आगरा का जूता उद्द्योग ,खुर्जा का पॉटरी उद्द्योग पूरी तरह बैठ गये हैं ,इन उद्द्योगों से जिलों के लाखों परिवार पलते थे लेकिन उद्द्योग बंद होने के कारण इन उद्द्योगों के मज़दूर और उनके परिवार भूख से जूझ रहे हैं। प्रदेश में आर्थिक आपातकाल जैसे हालात बन गये हैं। इन हालातों को देखते हुये ज़रूरी हो गया है कि राज्य सरकार प्रदेश के आर्थिक पुनर्निर्माण के लिये जाने-माने विशेषज्ञों को साथ लेकर टॉस्क फ़ोर्स का गठन करे जिसकी सलाह पर प्रदेश के आर्थिक ढांचे को सुधारा जा सके ,इस बीच मज़दूरों को नक़द आर्थिक सहायता और मुफ़्त अनाज़ देने की व्यबस्था की जाये बिना यह देखे कि कौन पंजीकृत है कौन नहीं।  

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