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लोकमत एक्सक्लूसिव: नये साल में विपक्षी एकता के नये संकेत, शरद पवार के साथ माकपा महासचिव येचुरी ने की बातचीत

By हरीश गुप्ता | Updated: January 1, 2021 08:11 IST

माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा कि प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस में कुछ खामियां हैं. लेकिन इसका यह कतई मतलब नहीं है कि संविधान और भारतीय गणतंत्र को कमजोर होने दिया जाए.

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ठळक मुद्देमाकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा कि शरद पवार साहब एक कद्दावर नेता हैं और उनका अनुभव अनमोल है.सीताराम येचुरी ने कहा कि किसानों के साथ अगर सरकार की बातचीत नाकामयाब रही, तो विपक्षी दलों को साथ आकर आगे बढ़ना होगा.

नई दिल्ली: माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने नये साल में विपक्ष को फिर एकजुट करने का बीड़ा उठाया है. इसी क्रम में उन्होंने राकांपा प्रमुख शरद पवार को नई दिल्ली में बातचीत का न्यौता दिया था. पवार के साथ बातचीत के बाद येचुरी ने उन्हें कद्दावर नेता करार दिया.

येचुरी ने पवार के साथ हुई हालिया बातचीत का खुलासा करते हुए कहा, ''मैंने उन्हें न्यौता दिया, वह आए और मैं उनका शुक्रगुजार हूं. हम उनसे दोबारा बातचीत करेंगे और राहुलजी से भी.'' जब उनसे जानना चाहा गया कि क्या पवार को विपक्ष की कमान थमाने की मूल सोच उनकी है, तो उन्होंने कहा, ''मूल मुद्दा यह है कि विपक्ष को एकजुट करना होगा.

हम पहले भी अनेक मुद्दों पर एकजुटता का प्रदर्शन कर चुके हैं और फिलहाल किसानों के मुद्दे पर एकजुट हैं.'' येचुरी ने कहा कि प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस में कुछ खामियां हैं. ''लेकिन इसका यह कतई मतलब नहीं है कि संविधान और भारतीय गणतंत्र को कमजोर होने दिया जाए.

पवार साहब एक कद्दावर नेता हैं और उनका अनुभव अनमोल है.'' जब उनसे जानना चाहा गया कि क्या कांग्रेस ने पवार को विपक्षी दलों के नेता के तौर पर स्वीकार लिया है तो येचुरी ने कहा, ''फिलहाल मुद्दा किसानों को न्याय दिलाना है.''

राष्ट्रपति से मुलाकात पर येचुरी ने बताया कि हाल ही में लगभग दर्जनभर राजनीतिक दलों ने राष्ट्रपति से मुलाकात की. ''सरकार की कानूनों को वापस लेने में ना-नुकुर के चलते हम प्रयासों में तेजी लाएंगे. अगर बातचीत नाकामयाब रही, तो विपक्षी दलों को साथ आकर आगे बढ़ना होगा.''

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल के निधन के बाद सीताराम येचुरी ने अपने पूर्ववर्ती हरकिशन सिंह सुरजीत की तरह विपक्षी दलों को एकजुट करने का काम अपने हाथों में ले लिया है.

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