लाइव न्यूज़ :

Coronavirus: शराब दुकान के बाहर भारी भीड़, शिवसेना ने कहा- वाइन कोविड-19 का टीका नहीं है, दूरी बनाने के नियम का पालन नहीं किया गया

By भाषा | Updated: May 7, 2020 17:03 IST

शराब बिक्री को लेकर समाजिक संगठन के साथ-साथ राजनीतिक दल भी विरोध में उतर गए हैं। शिवसेना ने कहा कि दूरी बनाने के नियम का पालन नहीं हो रहा है। पार्टी ने कहा कि यह कोई वायरस का टीका नहीं है।

Open in App
ठळक मुद्दे65 करोड़ रुपये की आय अर्जित करने के लिए "65,000 कोरोना वायरस संक्रमण मामलों को खरीदना" उचित नहीं है। लेख में कहा गया है कि लोगों ने शराब की दुकानों पर जमा होने के दौरान एक दूसरे से दूरी बनाने के नियम का पालन नहीं किया।

मुंबईः शिवसेना ने मुंबई की शराब की दुकानों के बाहर इस हफ्ते भारी भीड़ लगने पर बृहस्पतिवार को नाखुशी जताई और कहा कि लोगों को समझना चाहिए कि शराब कोरोना वायरस का टीका नहीं है।

शिवसेना के " मुखपत्र" सामना में छपे एक संपादकीय में कहा गया है कि शराब बिक्री के माध्यम से 65 करोड़ रुपये की आय अर्जित करने के लिए "65,000 कोरोना वायरस संक्रमण मामलों को खरीदना" उचित नहीं है। लेख में कहा गया है कि लोगों ने शराब की दुकानों पर जमा होने के दौरान एक दूसरे से दूरी बनाने के नियम का पालन नहीं किया।

महाराष्ट्र सरकार ने रविवार को ऐलान किया था कि कोरोना वायरस के गैर निषिद्ध जोनों में शराब की दुकानों से गली-मोहल्लों की दुकानें खुलेंगी। मगर सोमवार और मंगलवार को शराब की दुकानों के बाहर लंबी लंबी कतारें देखी गईं। मुंबई के नगर निकाय के आयुक्त ने मंगलवार रात एक आदेश जारी करके शहर में शराब की दुकानों समेत सभी गैर जरूरी सामान की दुकानों को बंद करने का निर्देश दिया।

शिवसेना ने कहा, " शराब की दुकानों के खुलने पर उनकी (लोगों की) खुशी अल्पकालिक थी। प्रशासन को शराब की दुकानों को बंद करने का आदेश देना पड़ा। अकेले मुंबई में, दो दिनों में शराब बिक्री के माध्यम से 65 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। लेकिन मंगलवार को शहर में कोविड-19 के एक दिन में सबसे ज्यादा 635 मामले आए और करीब 30 लोगों की मौत हुई। "

उसने कहा कि शराब की दुकान खोलने के दुष्प्रभाव 24 घंटे में दिख गए। मराठी दैनिक ने कहा, " 65 करोड़ रुपये के राजस्व के लिए हम कोरोना वायरस संक्रमण के 65,000 मामले खरीदना वहन नहीं कर सकते हैं... लोगों को समझना चाहिए कि शराब कोविड-19 का टीका नहीं है।" संपादकीय में कहा गया है कि शराब की दुकाने खोलने की वजह से प्रशासन और पुलिस पर अतिरिक्त दबाव आ गया, जहां एक-दूसरे से दूरी बनाने के नियम का पालन नहीं किया गया। 

टॅग्स :कोरोना वायरसउत्तर प्रदेश में कोरोनामहाराष्ट्र में कोरोनामुंबईउद्धव ठाकरे सरकारउद्धव ठाकरेशिव सेनानरेंद्र मोदी
Open in App

संबंधित खबरें

भारतLadki Bahin Yojana Row: महाराष्ट्र में 71 लाख महिलाएं अयोग्य घोषित, विपक्ष ने किया दावा, सरकार की जवाबदेही पर उठाए सवाल

क्राइम अलर्टरिजवान अहमद को दिल्ली पुलिस ने उठाया?, मोबाइल, लैपटॉप की जांच, 2017 मुंबई बम विस्फोट को लेकर कार्रवाई

कारोबारपुणे के विशाल भुजबल हैदराबाद में राष्ट्रीय सम्मेलन में सम्मानित

भारत'एकनाथ शिंदे और बलात्कार के आरोपी अशोक खरात के बीच 17 बार फोन पर बातचीत हुई', अंजलि दमानिया का आरोप

ज़रा हटकेबनारस में सीएम यादव श्री राम भंडार में रुके और कचौड़ी, पूरी राम भाजी और जलेबी का स्वाद लिया?, वीडियो

राजनीति अधिक खबरें

राजनीतिDUSU Election 2025: आर्यन मान को हरियाणा-दिल्ली की खाप पंचायतों ने दिया समर्थन

राजनीतिबिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मिलीं पाखी हेगड़े, भाजपा में शामिल होने की अटकलें

राजनीतिBihar voter revision: वोटरों की सही स्थिति का पता चलेगा, SIR को लेकर रूपेश पाण्डेय ने कहा

राजनीतिबिहार विधानसभा चुनावः बगहा सीट पर बीजेपी की हैट्रिक लगाएंगे रुपेश पाण्डेय?

राजनीतिगोवा विधानसभा बजट सत्रः 304 करोड़ की 'बिना टेंडर' परियोजनाओं पर बवाल, विपक्ष का हंगामा